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Shimla News: बरसात का असर, 50 फीसदी तक घट गया शहर में कारोबार
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बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही कम, सितंबर के अंत तक अब कारोबार सामान्य होने की उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। बरसात के मौसम का असर राजधानी के कारोबार पर भी पड़ा है। जुलाई से लगातार हो रही बारिश के कारण बाजारों में ग्राहकों की चहल-पहल काफी कम हो गई है। व्यापारियों के मुताबिक कारोबार में 50 फीसदी तक की कमी
आई है।
शहर में पर्यटकों की संख्या घटने से मालरोड, लक्कड़ बाजार, लोअर बाजार समेत अन्य प्रमुख बाजारों में भीड़ कम हो गई है। इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ा है और व्यापारियों के अनुसार कारोबार में 40 से 50 फीसदी तक गिरावट दर्ज की है। ग्राहकों की संख्या कम होने से राशन, कपड़ा, रेडीमेड, जूते, खाद्य सामग्री, होटल-रेस्तरां और पर्यटन से जुड़े लगभग सभी कारोबार प्रभावित हुए हैं।
बरसात में आधा रह जाता है कारोबार
बरसात के मौसम में लोग खरीदारी के लिए बाजारों में कम निकलते हैं, जिसका सीधा असर कारोबार पर पड़ता है। हर वर्ष बारिश के मौसम में यही स्थिति रहती है। इन दिनों बाजारों में रौनक नाममात्र की है, जिससे कारोबार 40 से 50 फीसदी तक घट गया है। मौसम साफ होने के बाद स्थिति सामान्य हो जाती है।
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-संजीव ठाकुर, अध्यक्ष, व्यापार मंडल शिमला
अनाज की बिक्री में भी 50 फीसदी की कमी
बरसात के दौरान लोग अनाज मंडी आकर अनाज, दालें, चावल, आटा और मसालों की खरीदारी कम करते हैं। बारिश की आशंका के चलते अधिकांश लोग आसपास की दुकानों से ही जरूरत का सामान खरीद लेते हैं। वहीं नमी के कारण अधिक मात्रा में खरीदे अनाज और मसालों के खराब होने की संभावना भी बढ़ जाती है। इन कारणों से अनाज मंडी का कारोबार 40 से 50 फीसदी तक घट गया है।
-दीपक श्रीधर, अध्यक्ष, अनाज मंडी शिमला
पर्यटन कारोबार में 60 फीसदी की कमी
राजधानी शिमला के बाजारों का कारोबार काफी हद तक पर्यटकों पर निर्भर करता है। इस बार पर्यटकों की संख्या कम होने से होटल और पर्यटन कारोबार में भी 50 से 60 फीसदी तक गिरावट आई है। कारोबारियों का कहना है कि मौसम साफ होने और पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ कारोबार में भी सुधार आएगा। साथ ही, त्योहारी सीजन शुरू होने पर बाजारों में फिर से रौनक लौटने की उम्मीद है।
-प्रिंस कुकरेजा, उपाध्यक्ष, होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन शिमला
वीकेंड पर ही दिखते हैं ग्राहक
बरसात के मौसम में सप्ताहांत पर ही कुछ ग्राहक बाजारों में पहुंचते हैं और इनमें भी अधिकतर स्थानीय लोग होते हैं। पर्यटकों की संख्या कम होने से कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सप्ताह के बाकी दिनों में दुकानों पर नाममात्र के ग्राहक आते हैं। ऐसे में कर्मचारियों का वेतन और अन्य नियमित खर्च निकालना भी मुश्किल हो रहा है।
-सुशील ठाकुर, ठाकुर कलेक्शन, माल रोड, शिमला
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। बरसात के मौसम का असर राजधानी के कारोबार पर भी पड़ा है। जुलाई से लगातार हो रही बारिश के कारण बाजारों में ग्राहकों की चहल-पहल काफी कम हो गई है। व्यापारियों के मुताबिक कारोबार में 50 फीसदी तक की कमी
आई है।
शहर में पर्यटकों की संख्या घटने से मालरोड, लक्कड़ बाजार, लोअर बाजार समेत अन्य प्रमुख बाजारों में भीड़ कम हो गई है। इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ा है और व्यापारियों के अनुसार कारोबार में 40 से 50 फीसदी तक गिरावट दर्ज की है। ग्राहकों की संख्या कम होने से राशन, कपड़ा, रेडीमेड, जूते, खाद्य सामग्री, होटल-रेस्तरां और पर्यटन से जुड़े लगभग सभी कारोबार प्रभावित हुए हैं।
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बरसात में आधा रह जाता है कारोबार
बरसात के मौसम में लोग खरीदारी के लिए बाजारों में कम निकलते हैं, जिसका सीधा असर कारोबार पर पड़ता है। हर वर्ष बारिश के मौसम में यही स्थिति रहती है। इन दिनों बाजारों में रौनक नाममात्र की है, जिससे कारोबार 40 से 50 फीसदी तक घट गया है। मौसम साफ होने के बाद स्थिति सामान्य हो जाती है।
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-संजीव ठाकुर, अध्यक्ष, व्यापार मंडल शिमला
अनाज की बिक्री में भी 50 फीसदी की कमी
बरसात के दौरान लोग अनाज मंडी आकर अनाज, दालें, चावल, आटा और मसालों की खरीदारी कम करते हैं। बारिश की आशंका के चलते अधिकांश लोग आसपास की दुकानों से ही जरूरत का सामान खरीद लेते हैं। वहीं नमी के कारण अधिक मात्रा में खरीदे अनाज और मसालों के खराब होने की संभावना भी बढ़ जाती है। इन कारणों से अनाज मंडी का कारोबार 40 से 50 फीसदी तक घट गया है।
-दीपक श्रीधर, अध्यक्ष, अनाज मंडी शिमला
पर्यटन कारोबार में 60 फीसदी की कमी
राजधानी शिमला के बाजारों का कारोबार काफी हद तक पर्यटकों पर निर्भर करता है। इस बार पर्यटकों की संख्या कम होने से होटल और पर्यटन कारोबार में भी 50 से 60 फीसदी तक गिरावट आई है। कारोबारियों का कहना है कि मौसम साफ होने और पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ कारोबार में भी सुधार आएगा। साथ ही, त्योहारी सीजन शुरू होने पर बाजारों में फिर से रौनक लौटने की उम्मीद है।
-प्रिंस कुकरेजा, उपाध्यक्ष, होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन शिमला
वीकेंड पर ही दिखते हैं ग्राहक
बरसात के मौसम में सप्ताहांत पर ही कुछ ग्राहक बाजारों में पहुंचते हैं और इनमें भी अधिकतर स्थानीय लोग होते हैं। पर्यटकों की संख्या कम होने से कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सप्ताह के बाकी दिनों में दुकानों पर नाममात्र के ग्राहक आते हैं। ऐसे में कर्मचारियों का वेतन और अन्य नियमित खर्च निकालना भी मुश्किल हो रहा है।
-सुशील ठाकुर, ठाकुर कलेक्शन, माल रोड, शिमला