वीडियो: देखिए, हिमाचल में चल रहे अवैध खनन के कारोबार का काला सच
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कुल्लू और मंडी की सरहद पर ब्यास नदी की धारा से खिलवाड़ हो रहा है। टकोली और रोट पंचायत के शाह बिहाली के बीच पोकलेन लगाकर ब्यास नदी का प्रवाह रोककर अवैध तरीके से रास्ता बना दिया गया। इस क्षेत्र के आसपास एक जेसीबी खनन में जुटी हुई है। अवैध तरीके से नदी के किनारे रेत के बड़े-बड़े ढेर लगाए हुए हैं।
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नदी के बीच छोटे पत्थर (बोल्डर) बिछाकर रास्ते की शेप दी गई है। ब्यास के दोनों छोरों को इस रास्ते से जोड़कर वाहनों को आर-पार किया जा रहा है। धड़ल्ले से चल रहे इस अवैध खनन का वीडियो ‘अमर उजाला’ के हाथ लगा है। हालांकि, तर्क दिया जा रहा है कि पुल निर्माण के लिए मशीनरी ले जाने के लिए रास्ता बनाया जा रहा है, लेकिन प्रशासन इस गोरखधंधे से बेखबर है।
अमर उजाला ने इस बारे में जब डीसी मंडी संदीप कदम से बात की तो उन्होंने तुरंत मामले की जांच के आदेश दे दिए । एसडीएम सदर मंडी डॉ. मदन मौके पर पहुंचे और काम रुकवाया दिया है। उन्होंने कहा कि अवैध खनन की पुख्ता पुष्टि होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उधर, डीसी कुल्लू यूनुस ने भी एसडीएम से रिपोर्ट तलब की है।
धड़ल्ले से चल रहा खनन का काम
वीरवार सुबह रिकॉर्ड किए गए वीडियो में मशीन कार्य करती हुई दिखाई दे रही है। मशीनरी से नदी के भीतर से छोटे पत्थर और रेत-बजरी निकाला जा रहा है। पोकलेन खनन में जुटी हुई है। हालांकि, काम कर रहे व्यक्ति का कहना है कि पुल निर्माण के लिए मशीनरी नदी से क्रॉस की जानी है। इसके लिए नदी में अस्थायी तौर पर रास्ता बनाया जा रहा है।
हालांकि नदी का प्रवाह रोक कर इस तरह रास्ता बनाना भी अवैध है। यह पर्यावरण के नजर से खतरनाक है। वीडियो में ब्यास नदी के दूसरे छोर पर भी एक जेसीबी खनन करते हुए दिखाई दे रही है, जहां रेत-बजरी के ढेर लगे हुए हैं। रोट पंचायत प्रधान अनिता शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ समय से यह काम चल रहा है। जिला कुल्लू खनन अधिकारी बिंदिया रानी ने बताया कि ब्यास नदी में कार्य को लेकर कोई अनुमति नहीं है। मामले में कार्रवाई की जाएगी।
उधर, लोनिवि के अधिशाषी अभियंता केके शर्मा ने बताया कि रोट पंचायत क्षेत्र में पुल निर्माण किया जाना है। लेकिन वह यह नहीं बता पाए कि यह मशीनें यहां क्या कर रही है जबकि पुल थोड़ी दूरी पर बनना है? बता दें कि नदी किनारे अवैध खनन पर एनजीटी भी सख्त है, बावजूद इसके धड़ल्ले से खनन का काम चल रहा है।
जब सड़क है तो नदी से क्यों बनाया रास्ता
टकोली से बजौरा होते हुए हुरला-थाच-दलाशनी सड़क से नदी के दूसरे छोर तक पहुंचा जा सकता है। सड़क पर बड़े वाहन ले जा सकते हैं। बताया जा रहा है कि जिस जगह पर नदी में पानी रोककर रास्ता बनाया गया है, वहां से पुल करीब पांच सौ मीटर आगे बनना है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि फिर बिना अनुमति नदी से रास्ता क्यों बनाया जा रहा है।
अवैध खनन पर होगी कार्रवाई: निदेशक
हिमाचल प्रदेश के उद्योग निदेशक राजेश शर्मा ने बताया कि अगर ब्यास नदी के किनारे अवैध खनन किया जा रहा है तो इस पर गंभीरता से कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि इस बारे में जिला खनन अधिकारी से बात की जाएगी।