हाईकोर्ट के आदेश पर मणिकर्ण घाटी के 32 अवैध होटल सील
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मणिकर्ण घाटी में हाईकोर्ट के आदेश पर अवैध होटल और होम स्टे सील किए गए। हथियारों से लैस पुलिस कर्मियों के कड़े पहरे में प्रशासन ने 32 होटलों पर कार्रवाई की। दिनभर शांतिपूर्वक तरीके से चली कार्रवाई में औपचारिकताएं पूरी करने वालों को दस्तावेज दिखाने पर राहत मिली।
तीसरे चरण की सीलबंदी अभियान से पहले ही पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता कर दी थी। इसके बाद टीम ने अभियान शुरू किया। टीम की तरफ से 63 अवैध होटल, होम स्टे और अन्य गेस्ट हाउस आदि सील करने थे, लेकिन मौके पर 31 होटल प्रबंधकों में से कुछ ने दस्तावेज दिखाकर तो कुछ ने हाईकोर्ट से स्टे लेकर राहत ली।
वहीं करीब आधा दर्जन अवैध कब्जाधारी सीलबंदी अभियान से पहले ही कैंपिंग साइट से टेंट उखाड़ कर गायब हो गए हैं। इस तरह बचे कुल 32 अवैध होटलों पर ही सीलबंदी की गई। कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट प्रशासन हाईकोर्ट को सौंपेगा।
एनजीटी ने होटलों की जांच के लिए निगरानी समिति की है गठित
जांच टीम ने इनमें कई खामियां पाई थीं। अधिकतर होटल वन भूमि पर पाए गए। यह होटल मणिकर्ण घाटी के मणिकर्ण, कसोल, कटागला, छलाल, तोष, पुलगा, तुलगा, कालगा व अन्य जगहों पर स्थित हैं।
एसडीएम सदर डा. अमित गुलेरिया ने बताया कि मणिकर्ण घाटी में हाईकोर्ट के आदेश पर 32 होटल व अस्थायी गतिविधियां सील की हैं। एसपी शालिनी अग्निहोत्री ने बताया कि सुरक्षा के लिए हथियार से लैस पुलिस जवान मौके पर तैनात किए गए थे। घाटी में पहले चरण में 40 होटल, होम स्टे आदि सील किए थे, जबकि दूसरे चरण में 30 होटल व अन्य सील किए गए।
कुल्लू-मनाली स्थित होटलों की जांच रिपोर्ट से एनजीटी भी संतुष्ट नहीं है। प्राधिकरणों की ओर से 699 होटलों की सूची एनजीटी में दाखिल की गई थी। पीठ ने जांच रिपोर्ट की कमियों पर कई सवाल किए और बाद में इस मामले में एक निगरानी समिति गठित करने का आदेश दिया है।