फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Illegal Buildings will be regularized with in one Year.

एक साल में नियमित होंगे अवैध भवन, आवेदन को मिले 60 दिन

Mon, 06 Feb 2017 09:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Mon, 06 Feb 2017 09:38 AM IST
विज्ञापन
Illegal Buildings will be regularized with in one Year.

हिमाचल में एक साल के भीतर अवैध भवन नियमित हो जाएंगे। सरकार की ओर से यह राहत सिर्फ एक साल के लिए ही है। नए टीसीपी एक्ट में इसकी समय सीमा निर्धारित की गई है। अवैध भवन नियमित करवाने के लिए आवेदन की समयसीमा 60 दिन होगी।

विज्ञापन


इसके बाद लोगों को अपने भवन के नक्शे के अलावा अन्य औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। विभाग के अफसर दस्तावेजों की जांच पड़ताल के लिए फील्ड में जाएंगे। अगर किसी ने गलत दस्तावेज विभाग के पास जमा करवाए होंगे तो उन भवन मालिकों के खिलाफ भी सरकार कानूनी कार्रवाई करेगी।
विज्ञापन


टीसीपी से मिली जानकारी के मुताबिक हिमाचल में अब तक 6 बार भवन नियमित करने को पॉलिसी लाई गई है। पॉलिसी की समयसीमा 6 महीने तक रही है। इस बार अवैध भवनों को नियमित कराने के लिए एक्ट के नियमों में किए गए संशोधन का समय सबसे अधिक है। विभाग का मानना है कि अवैध भवनों की 30 हजार अनुमानित संख्या होने के कारण ही एक साल का समय निर्धारित किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


भवनों की होगी नंबरिंग
हिमाचल में अब अवैध भवनों की नंबरिंग होगी। नंबरों से ही भवनों की पहचान की जाएगी। इसके अलावा हिमाचल के सभी भवनों की जीआईएस मैपिंग भी होगी।

अवैध भवन नियमित करने की अंतिम पॉलिसी
अवैध भवनों को नियमित कराने के लिए यह अंतिम पॉलिसी होगी। इसके बाद अगर कोई भवन मालिक अवैध निर्माण करता है तो उसकी मूलभूत सुविधाएं छीन ली जाएंगी।

जिस दिन से एक्ट की अधिसूचना जारी हुई है, उसके 60 दिन के भीतर लोगों को आवेदन करना है। यह राहत एक साल तक होगी।
- सुधीर शर्मा, शहरी विकास मंत्री

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed