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अवैध मकान को वैध कराने के लिए लगी होड़, अब नहीं बढ़ेगी डेट
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 31 Mar 2017 10:05 AM IST
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प्रदेश में अवैध मकान को वैध करने के लिए वीरवार को हर डेढ़ मिनट में आन लाइन एक आवेदन अपलोड हो रहा था। वीरवार रात बारह बजे तक आवेदन की आखिरी डेड लाइन थी। सरकार की ओर से अधिकृत किए गए वास्तुकार के जरिए ही मकान मालिक आवेदन कर रहे हैं।
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टीसीपी ने साफ कर दिया है कि इसकी तारीख किसी भी सूरत में नहीं बढ़ाई जाएगी अगर सरकार ऐसा करती है तो इसमें कानूनी पेंच फंसने की पूरी संभावना है। क्योंकि डेट बढ़ाने पर एक्ट में फिर से संशोधन करना होगा और तीस मार्च के बाद के आवेदन को कानूनी तौर पर वैध नहीं माना जाएगा।
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वीरवार शाम सात बजे तक टीसीपी के पास करीब 7 हजार 751 आवेदन पहुंच चुके थे। रात बारह बजे तक इनका आंकड़ा 8 हजार तक पहुंचने की संभावना महकमा जता रहा है। टीसीपी का मानना है कि उनके रिकार्ड के मुताबिक प्रदेश में कुल करीब 8 हजार 500 मकान मालिकों को अवैध निर्माण के लिए नोटिस भेजे गए हैं।
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इनमें से आठ हजार के करीब मकान मालिक आवेदन कर रहे हैं। इसी तरह नगर निगम शिमला में शाम सात बजे तक 3 हजार 495 आवेदन आ चुके थे। रात बारह बजे तक यह आंकड़ा 4 हजार पार कर देगा ऐसा दावा नगर निगम की ओर से किया जा रहा है। नगर निगम की परिधि में ऐसे अवैध भवनों की संख्या करीब साढ़े चार हजार बताई जा रही है।
इसी तरह शिमला प्लानिंग एरिया में 248 आवेदन और साडा एरिया के 929 आवेदन दर्ज किए गए। टीसीपी ने दावा किया कि रात बारह बजे तक जितने भी आवेदन उन्हें मिलेंगे उन्हें स्वीकार किया जाएगा।
उसके बाद भवनों के नियमितकरण के लिए मौके पर संबंधित टीमें जाऐेगी और नाप नपाई की जाएगी। जिस भवन मालिक से नियम के मुताबिक जितनी फीस बनती होगी उसे वसूल किया जाएगा। करीब एक साल में इन भवनों को नियमित कर दिया जाएगा।