IIT Mandi Foundation Day: आईआईटी मंडी के स्थापना दिवस पर रक्षा मंत्री बोले- आने वाला समय क्वांटम कम्प्यूटिंग क
आईआईटी मंडी ने सोमवार को 16वां स्थापना दिवस मनाया। इस समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बताैर मुख्य अतिथि शिरकत की।
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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी ने सोमवार को 16वां स्थापना दिवस मनाया। इस समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बताैर मुख्य अतिथि शिरकत की। वर्ष 2009 में आईआईटी मंडी की स्थापना हुई थी। संस्थान स्केलिंग द हाइट्स की भावना के साथ अनुसंधान, नवाचार व विश्व स्तरीय तकनीकी शिक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। समारोह में रक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा एवं विकास में तकनीकी नवाचार के महत्व पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि आईआईटी मंडी का विजन साइंस व टेक्नोलॉजी में लीडर बनना है। कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अपने आप में नई डेवलपमेंट है, इसके असर को लेकर लगातार समझने की कोशिश की जा रही। आने वाला समय क्वांटम कम्प्यूटिंग का है। आज भारत उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है जिनके पास एक से अधिक विमानवाहक पोत हैं। अब विमान के इंजन भी भारत में बनेंगे।
राजनाथ सिंह ने कहा कि एआई तकनीक से रक्षा क्षेत्र के लिए नए कार्य करने की जरूरत है ताकि डिफेंस सेक्टर को और ज्यादा मजबूत किया जा सके। राजनाथ सिंह ने कहा कि एक समय ऐसा था जब रक्षा संबंधी 70 प्रतिशत सामग्री को बाहर से खरीदकर लाना पड़ता था लेकिन आज समय यह है कि 70 प्रतिशत रक्षा सामग्री देश में ही तैयार हो रही है। यह हमारे के लिए गर्व की बात है कि अब देश की रक्षा के लिए इस्तेमाल होने वाली सामग्री यहीं के लोगों के हाथों से बन रही है। उन्होंने बताया कि अब देश से रक्षा सामग्री का निर्यात भी शुरू कर दिया गया है। 2023-24 में 23 हजार करोड़ की सामग्री का निर्यात किया गया था जबकि 2029 तक इस लक्ष्य को बढ़ाकर 50 हजार करोड़ करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
राजनाथ सिंह ने आईआईटी की नई परिभाषा बताते हुए उपस्थित छात्रों से आईआईटी के बाद एक और आईआईटी करने की बात भी कही। राजनाथ सिंह ने कहा कि पढ़ाई के बाद जो आईआईटी होगी वोइनिशिएट, इम्प्रूव और ट्रांसफॉर्म वाली आईआईटी होगी। जिसके माध्यम से आप देश के विकास में अपना योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभर कर सामने आया है। आने वाले दिनों में यही भारत देश की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभर कर सामने आएगा। राजनाथ सिंह ने उपस्थित विद्याथियों से कभी भी छोटे मन से कोई काम नहीं करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी यही कहते थे कि छोटे मन से कभी कोई बड़ा नहीं होता और टूटे मन से कभी कोई खड़ा नहीं होता। उन्होंने कहा कि सुपर पॉवर को मानो और आगे बढ़ते रहो। लेकिन कुछ तथाकथित सनातन विरोधी सुपर पॉवर को भी झूठला देते हैं। उन्हें इसका प्रमाण चाहिए होता है। लेकिन उन्हें यह नहीं मालूम ही इंसान को जीवित रखने वाली सांस होती तो है लेकिन वो दिखाई नहीं देती। इस मौके पर पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, सीएम के प्रधान सलाहकर गोकुल बुटेल, द्रंग से भाजपा के विधायक पूर्ण चंद ठाकुर, बल्ह के विधायक इंद्र सिंह गांधी, आईआईटी के बीओजी के प्रमुख कर्नल ढिल्लों और डायरेक्टर प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा सहित अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। समारोह के अंत में राजनाथ सिंह ने विभिन्न क्षेत्रों में अव्वल रहे प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया। फाउंडेशन डे अवार्ड के तहत विद्यार्थियों, शिक्षकों, पूर्व विद्यार्थियों, कर्मचारियों को उनकी शैक्षणिक, अनुसंधान, खेल और व्यावसायिक उत्कृष्ठता के लिए सम्मानित किया गया। इनमें यंग फैकल्टी फेलो अवार्ड, यंग अचीवर अवार्ड (फैकल्टी/अलुम्नाई), स्टूडेंट्स एकेडमिक एक्सीलेंस अवार्ड, स्टूडेंट्स टेक अवार्ड सहित कई श्रेणियां शामिल हैं।