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शोध में खुलासा: भविष्य में भी उत्तर-पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों से फैलेगा वायरस

Fri, 07 Jan 2022 11:21 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी Published by: Krishan Singh Updated Fri, 07 Jan 2022 11:21 AM IST
सार

उच्च अंतरराष्ट्रीय प्रवास वाले राज्य और बड़े जल निकायों के करीब स्थित जिलों में मानसून के बाद संक्रमण के मामलों में अचानक वृद्धि होगी। इसलिए जिलों में मानसून के मौसम की शुरुआत से पहले सख्त एहतियाती उपाय किए जाने चाहिए। आईआईटी मंडी की स्कूल ऑफ बेसिक साइंस की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सरिता आजाद ने एक शोध पत्र में यह खुलासा किया है ।

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iit mandi Research: In future also the virus will spread from north-western and southern parts
वायरस पर एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सरिता आजाद का शोध। - फोटो : संवाद

विस्तार

1918 से 1919 का स्पैनिश फ्लू हो या 2019-21 की कोविड -19 महामारी। भारत में उत्तर पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों से ही मौत का संक्रमण देश में फैला है और भविष्य में भी वायरस यहीं से फैलेंगे। महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गुजरात, राजस्थान, कर्नाटक, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश जैसे राज्य हॉटस्पॉट रहे हैं और आगे भी रहेंगे।  उच्च अंतरराष्ट्रीय प्रवास वाले राज्य और बड़े जल निकायों के करीब स्थित जिलों में मानसून के बाद संक्रमण के मामलों में अचानक वृद्धि होगी। इसलिए जिलों में मानसून के मौसम की शुरुआत से पहले सख्त एहतियाती उपाय किए जाने चाहिए। आईआईटी मंडी की स्कूल ऑफ बेसिक साइंस की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सरिता आजाद ने एक शोध पत्र में यह खुलासा किया है और सुझाव भारत सरकार को प्रेषित किए हैं। शोध में देश में अब तक फैली विभिन्न महामारियों का अध्ययन किया गया है। शोध पत्र के सह-लेखक रिसर्च स्कॉलर आईआईटी मंडी नीरज पूनिया हैं और इसके निष्कर्ष प्रतिष्ठित पीयर रिव्यू जर्नल करंट साइंस में प्रकाशित हुए हैं।

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640 जिलों पर किए गए अध्ययन

शोधकर्ताओं ने इस अध्ययन के लिए भारत में कोविड-19 और पिछली महामारियों के प्रसार की समीक्षा की। 1 अप्रैल से 25 दिसंबर 2020 तक 640 जिलों पर किए गए। अध्ययन के अनुसार भारत में महामारी के हॉट स्पॉट उच्च अंतरराष्ट्रीय प्रवास वाले राज्य और बड़े जल निकायों के करीब स्थित जिले रहे। 

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तापमान का भी अध्ययन

कोविड-19 के प्रसार को समझने के लिए उन जिलों में तापमान भिन्नता की जांच की है, जो पानी के बड़े निकायों के करीब हैं। इन जिलों में औसत न्यूनतम और अधिकतम तापमान जुलाई में पड़ोस की तुलना में लगभग 3 और 5 डिग्री सेल्सियस कम है, जो झील के प्रभाव के लिए जिम्मेवार है। इसके अलावा शोधकर्ताओं ने 31 अगस्त 2020 तक इन जिलों के लिए आरओ मूल्यों (रिप्रोडक्शन नंबर) का अनुमान लगाया है और परिणाम बताते हैं कि उनके आरओ मूल्य प्राथमिक हॉट स्पॉट राज्यों की तुलना में बहुत अधिक हैं।

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