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आईआईटी मंडी: मेटामैटीरियल आधारित नींव से तैयार होंगी भूकंपरोधी इमारतें
Wed, 19 Apr 2023 06:26 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 19 Apr 2023 06:26 PM IST
सार
आईआईटी मंडी की टीम ने अध्ययन किया कि मेटामैटीरियल में रबड़, स्टील और लेड से बने गोलाकार स्कैटर शामिल हैं, जो भूकंप से सुरक्षा के लिए अहम हैं।
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आईआईटी मंडी के शोधार्थी।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
अब मेटामैटीरियल आधारित नींव से भूकंपरोधी इमारतें तैयार की जाएंगी। इन इमारतों पर भूकंप के झटकों का कम असर होगा। यह प्रस्ताव आईआईटी मंडी के शोधार्थियों ने दिया है। उन्होंने धातु और प्लास्टिक की सामग्री से बने कई तत्वों को जोड़कर यह मेटामैटीरियल तैयार किया है। आईआईटी मंडी के डॉ. अर्पण गुप्ता के नेतृत्व में शोधकर्ताओं की एक टीम ने भूकंप से इमारतों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए दो आयामी मेटामैटीरियल आधारित नींव का प्रस्ताव दिया है।
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इस रिसर्च का विवरण जर्नल साइंटिफिक रिपोर्ट्स में प्रकाशित किया गया है। जिसको आईआईटी मंडी के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अर्पण गुप्ता और उनके शोधकर्ताओं ऋषभ शर्मा, अमन ठाकुर और डॉ. प्रीति गुलिया के सहयोग से तैयार किया गया है। इस शोध के मुताबिक इमारत की नींव को बुद्धिमानी से डिजाइन कर, इमारत को ज्यादा नुकसान पहुंचाए बिना भूकंप की तरंगों को वापस मोड़ा या परावर्तित किया जा सकता है।
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भूकंपीय तरंगें लोचदार तरंगें होती हैं जो पृथ्वी की परतों के माध्यम से ऊर्जा का परिवहन करती हैं, अन्य प्रकार की भौतिक तरंगों के विपरीत, भूकंपीय तरंगों में लंबी तरंग कम आवृत्ति की होती है। भूकंपीय तरंगों के लिए मेटामैटीरियल की जांच अपेक्षाकृत नया और अत्यधिक जटिल क्षेत्र है। आईआईटी मंडी की टीम ने अध्ययन किया कि मेटामैटीरियल में रबड़, स्टील और लेड से बने गोलाकार स्कैटर शामिल हैं, जो भूकंप से सुरक्षा के लिए अहम हैं।
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इस तरह से किया गया प्रयोग
इस संबंध में दो मामलों पर विचार किया गया। पहला ठोस नींव और दूसरा मेटामैटीरियल नींव। कंकरीट नींव के मामले में बड़े कंपन दर्ज किए गए। जबकि मेटामैटीरियल नींव के मामले में बहुत कम कंपन देखे गए। प्रयोग में देखा गया कि मेटामैटीरियल नींव भूकंप उत्तेजना के कारण होने वाले जमीन के कंपन को प्रभावी ढंग से कम कर सकती है। कंकरीट और मेटामैटीरियल नींव के बीच तुलना करने से यह पता चलता है कि मेटामैटीरियल भूकंप के कारण होने वाले कंपन की प्रतिक्रिया को काफी कम कर सकता है।
अनुसंधान या शोध यह इंगित करता है कि नियत समय के आधार पर यह 2.6 हर्ट्ज से 7.8 हर्ट्ज तक भूकंप से होने वाली तरंगों को क्षीण करता है। डॉ अर्पण गुप्ता ने शोध के परिणामों पर कहा कि शोध भवन संरचनाओं को भूकंपीय सुरक्षा प्रदान करने के लिए मेटामैटीरियल की क्षमता को दिखाता है। शोध अन्य शोधकर्ताओं को संरचनात्मक इंजीनियरिंग और भूकंप प्रतिरोधी इमारतें और अन्य क्षेत्रों में मेटामैटीरियल की संभावनाओं का पता लगाने के लिए प्रेरित करेगा।