Himachal: आईआईटी मंडी को 5जी यूज केस लैब तैयार करने की अहम जिम्मेदारी मिली
आईआईटी मंडी का स्कूल ऑफ कंप्यूटिंग एवं इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (एससीईई) यह लैब तैयार करेगा और इस तरह विभिन्न सामाजिक-आर्थिक क्षेत्रों में 5जी के विकास एवं अभिनव प्रयोगों की सुविधा प्रदान करेगा।
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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान(आईआईटी) मंडी को भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने 5जी यूज केस लैब तैयार करने के लिए चुना है। आईआईटी मंडी का स्कूल ऑफ कंप्यूटिंग एवं इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (एससीईई) यह लैब तैयार करेगा और इस तरह विभिन्न सामाजिक-आर्थिक क्षेत्रों में 5जी के विकास एवं अभिनव प्रयोगों की सुविधा प्रदान करेगा। डीओटी ने आधिकारिक रूप से 27 अक्तूबर को दिल्ली के प्रगति मैदान में आईएमसी 2023 के आयोजन में आईआईटी मंडी के स्कूल ऑफ कंप्यूटिंग एवं इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (एससीईई) को 5जी यूज केस लैब तैयार करने की अहम जिम्मेदारी दी। इस लैब का उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षा जगत के लोगों को 5जी प्रौद्योगिकियों में अधिक सक्षम और सक्रिय भागीदार बनाना है और इस तरह 5जी का परिवेश तैयार कर यूजी और पीजी के विद्यार्थियों को उनके प्रोजेक्ट में अधिक सक्षम बनाना है।
इसके अलावा यह केंद्र शिक्षा-उद्योग जगत के भागीदारों को 5जी के विभिन्न उपयोगों पर विचार करने और उनका विकास करने के लिए भी प्रोत्साहित करेगा। साथ ही संस्थान के निकटवर्ती स्टार्टअप और एमएसएमई को 5जी परीक्षण की सुविधा भी देगा। इसके परिणामस्वरूप भारतीय शिक्षा जगत और स्टार्टअप इकोसिस्टम 6जी के लिए तैयार होंगे। आईआईटी मंडी 5जी यूज केस लैब ई-हेल्थकेयर, स्मार्ट सिटी और नेक्स्ट जेनरेशन संचार जैसे क्षेत्रों में 5जी प्रौद्योगिकियों के उपयोग की संभावनाओं की तलाश करेगा। आईआईटी मंडी के नॉर्थ कैंपस ऑडिटोरियम में इस कार्यक्रम का प्रसारण किया गया। लगभग 600 विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ आसपास के स्कूलों और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के प्रशिक्षओं और स्टार्ट-अप सेक्टर के मुख्य भागीदारों की उपस्थिति देखी गई।