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आईआईटी मंडी ने देश भर में इंजीनियरिंग में 31वीं और ओवरआल कैटेगरी में 67 वीं रैंक की हासिल
Thu, 11 Jun 2020 11:34 PM IST
अवधेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, मंडी
अमर उजाला ब्यूरो, मंडी
Published by: अवधेश कुमार
Updated Thu, 11 Jun 2020 11:34 PM IST
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iit mandi
नेशनल इंस्टीट्यूट रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) 2020 की इंजीनियरिंग कैटेगरी में आईआईटी मंडी ने देश भर में 31वीं रैंक हासिल की है। जबकि ओवरआल कैटेगरी में देश में 67वें नंबर पर रहकर हिमाचल का नाम रोशन किया है। मानव संसाधन मंत्रालय ने यह लिस्ट जारी की है। भारतीय इंजीनियरिंग संस्थान श्रेणी की रैंकिंग-2019 में आईआईटी मंडी को 20वां रैंक दिया गया था। इस रैंकिंग में आईआईटी 11 रैंक पिछड़ा है।
इंडिया रैंकिंग में पांच मापदंड के आधार पर यह निर्णय हुआ है। इसमें टीचिंग, लर्निंग, रिसोर्स प्रमुख थे। छात्रों की संख्या, छात्र-शिक्षक अनुपात, शिक्षकों की शैक्षिक योग्यता और अनुभव, वित्तीय संसाधन और उनकी उपयोगिता, रिसर्च एंड प्रोफेशनल प्रैक्टिस में प्रकाशन, प्रकाशन की गुणवत्ता, पेटेंट, सहायता, सलाहकार, यूनिवर्सिटी परीक्षा, प्लेसमेंट पैकेज, पीएचडी छात्रों की संख्या के साथ विदेशी या अन्य राज्यों के छात्र, आर्थिक रूप से कमजोर व दिव्यांग छात्र, उनके लिए सुविधाएं और प्रशासन आदि की परख की गई। निदेशक आईआईटी टीमोथी गोंजालविस ने इसकी पुष्टि की है।
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इंडिया रैंकिंग में पांच मापदंड के आधार पर यह निर्णय हुआ है। इसमें टीचिंग, लर्निंग, रिसोर्स प्रमुख थे। छात्रों की संख्या, छात्र-शिक्षक अनुपात, शिक्षकों की शैक्षिक योग्यता और अनुभव, वित्तीय संसाधन और उनकी उपयोगिता, रिसर्च एंड प्रोफेशनल प्रैक्टिस में प्रकाशन, प्रकाशन की गुणवत्ता, पेटेंट, सहायता, सलाहकार, यूनिवर्सिटी परीक्षा, प्लेसमेंट पैकेज, पीएचडी छात्रों की संख्या के साथ विदेशी या अन्य राज्यों के छात्र, आर्थिक रूप से कमजोर व दिव्यांग छात्र, उनके लिए सुविधाएं और प्रशासन आदि की परख की गई। निदेशक आईआईटी टीमोथी गोंजालविस ने इसकी पुष्टि की है।
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बता दें कि जुलाई 2009 में 97 विद्यार्थियों के पहले बैच से आरंभ आईआईटी मंडी में अब 125 फैकल्टी, 1,655 विद्यार्थी हैं। जो संस्थान के विभिन्न अंडरग्रैजुएट, पोस्टग्रैजुएट और रिसर्च प्रोग्राम में नामांकित हैं। संस्थान के पूर्व विद्यार्थियों की संख्या 1141 हो गई है। इस पूर्णत: आवासीय संस्थान में 1.4 लाख वर्गमीटर का निर्माण पूरा हो गया है। इसमें 88 कमरों का गेस्ट हउस, 750 सीटर ऑडिटोरियम, कैम्पस स्कूल, खेल परिसर और अस्पताल भी है। आईआईटी मंडी में चार एकेडमिक स्कूल और तीन प्रमुख शोध केंद्र हैं। एकेडमिक स्कूल में स्कूल ऑफ कम्प्यूटिंग एवं इलैक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, स्कूल ऑफ बेसिक साइंसेज, स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग और स्कूल ऑफ ह्युमैनीटीज एवं सोशल साइंसेज हैं।
केंद्रों में एडवांस्ड मटीरियल्स रिसर्च सेंटर, सेंटर फॉर डिजाइन एण्ड फैब्रिकेशन ऑफ इलेक्ट्रिकल डिवाइसेज और बायोएक्स सेंटर है। 2017 में जैवतकनीकी विभाग, भारत सरकार ने आईआईटी मंडी को 10 करोड़ रुपये की विशिष्ट फार्मरजोन प्रोजेक्ट के लिए चुना। स्थापना से लेकर अब तक आईआईटी मंडी के शिक्षक लगभग 120 करोड़ रुपये के 275 से अधिक शोध-विकास प्रोजेक्ट पर कार्यरत रहे हैं। पिछले 10 वर्षों में संस्थान ने 11 अंतर्राष्ट्रीय और 12 राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों से सहमति करार किए हैं।
भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) द्वारा जारी नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क के तहत भारतीय इंजीनियरिंग संस्थान श्रेणी की रैंकिंग-2019 में आईआईटी मंडी को 20वां रैंक दिया गया। एनआईआरएफ के आउटरीच एवं इन्क्लुसिवीटी मेट्रिक पर आईआईआईटी मंडी का सभी 23 आईआईटी में पहला स्थान है।
भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) द्वारा जारी नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क के तहत भारतीय इंजीनियरिंग संस्थान श्रेणी की रैंकिंग-2019 में आईआईटी मंडी को 20वां रैंक दिया गया। एनआईआरएफ के आउटरीच एवं इन्क्लुसिवीटी मेट्रिक पर आईआईआईटी मंडी का सभी 23 आईआईटी में पहला स्थान है।