{"_id":"5e5a95098ebc3ef3951e34a5","slug":"ihbt-tmc-will-make-knee-pain-medicine-agreement-done","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईएचबीटी-टीएमसी बनाएंगे घुटनों के दर्द की दवा, दोनों के बीच हुआ करार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईएचबीटी-टीएमसी बनाएंगे घुटनों के दर्द की दवा, दोनों के बीच हुआ करार
Sun, 01 Mar 2020 12:05 PM IST
Krishan Singh
विनोद राणा, अमर उजाला, पालमपुर (कांगड़ा)
विनोद राणा, अमर उजाला, पालमपुर (कांगड़ा)
Published by: Krishan Singh
Updated Sun, 01 Mar 2020 12:05 PM IST
विज्ञापन
घुटनों का दर्द
- फोटो : pixabay
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घुटनों का दर्द दूर करने के लिए अब हिमालय जैव संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान (आईएचबीटी) पालमपुर और टांडा मेडिकल कॉलेज (टीएमसी) मिलकर काम करेंगे। दोनों संस्थानों में दर्द की दवा की खोज करने के लिए करार हुआ है। इस दवा में जड़ी-बूटियों और एलोपैथिक दवाओं का मिश्रण होगा और इस दवा के कोई साइड इफेक्ट नहीं होंगे।
विज्ञापन
यह करार टांडा मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. भानु अवस्थी और आईएचबीटी के निदेशक डॉ. संजय कुमार के बीच हुआ है। आईएचबीटी इससे पहले आयुर्वेद पर करार कर चुका है, लेकिन किसी मेडिकल कॉलेज से दवाइयों के प्रोजेक्ट पर होने वाला यह पहला करार होगा। घुटनों के दर्द की दवा ईजाद करने के बाद अन्य दवाइयां तैयार करने पर काम होगा।
विज्ञापन
हालांकि एलोपैथिक दवा बनाने पर करार हुआ है, लेकिन सूत्रों की मानें तो आईएचीबीटी में तैयार होने वाली एलोपैथिक दवाइयों में आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का मिश्रण हो सकता है। बताया जा रहा है कि एक माह के बीच प्रोजेक्ट शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन
दवाइयों के प्रोजेक्ट को लेकर आईएचबीटी और टांडा मेडिकल कॉलेज के बीच एक करार हुआ है। इस पर एक माह के अंदर काम शुरू हो जाएगा। इसमें आने वाले दिनों में दवाइयों का बेहतर उत्पादन हो सकता है।- डॉ. संजय कुमार, आईएचबीटी निदेशक