शिमला: इग्नू ने 10 तक बढ़ाई प्रवेश की अंतिम तिथि, इक्डोल के लिए अभी करना होगा इंतजार
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय दूरवर्ती शिक्षा एवं मुक्त अध्ययन केंद्र (इक्डोल) में जनवरी सत्र में प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थियों को अभी और इंतजार करना होगा। वहीं, इग्नू ने विभिन्न कोर्सों के लिए प्रवेश की तिथि बढ़ा दी है।
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इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) ने जनवरी 2022 सत्र में मास्टर डिग्री, बैचलर डिग्री, डिप्लोमा तथा सर्टिफिकेट कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 10 फरवरी तक बढ़ा दी है। इसके अतिरिक्त जनवरी 2022 सत्र के लिए विभिन्न बैचलर/मास्टर डिग्री कार्यक्रमों में अगले वर्ष/सेमेस्टर में पुन: पंजीकरण की प्रक्रिया जारी है। इसके लिए 10 फरवरी तक तिथि बढ़ा दी गई है। सत्र में विभिन्न बैचलर डिग्री तथा मास्टर डिग्री (वार्षिक पद्धति) तथा जुलाई 2021 में विभिन्न बैचलर डिग्री तथा मास्टर डिग्री (सेमेस्टर पद्धति) कार्यक्रमों में पहले-से पंजीकृत सभी छात्र ऑनलाइन इग्नू की वेबसाइट/पोर्टल के माध्यम से पुन: पंजीकरण करवाने के लिए पात्र होंगे। प्रवेश एवं पुन: पंजीकरण के लिए लिंक इग्नू की वेबसाइट पर उपलब्ध है। अधिक जानकारी के लिए किसी भी नजदीकी अध्ययन केंद्र या इग्नू क्षेत्रीय केंद्र खलीणी, शिमला के दूरभाष 0177-2624612 पर संपर्क किया जा सकता है।
इक्डोल में प्रवेश के लिए अभी करना होगा इंतजार
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय दूरवर्ती शिक्षा एवं मुक्त अध्ययन केंद्र (इक्डोल) में जनवरी सत्र में प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थियों को अभी और इंतजार करना होगा। फरवरी अंत तक यूजीसी के डिस्टेंस एजूकेशन ब्यूरो से निर्देश आने के बाद ही इक्डोल प्रशासन प्रवेश प्रक्रिया शुरू करेगा। इससे लग रहा है कि प्रवेश प्रक्रिया फरवरी अंत में शुरू होगी और मार्च तक चलेगी। कोरोना के कारण इक्डोल के जुलाई सत्र की प्रवेश प्रक्रिया तीन माह बाद शुरू हुई थी। यह नवंबर तक चली थी। इसमें करीब पांच हजार विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया था। जनवरी में इस सत्र की प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई। फरवरी में भी प्रवेश प्रक्रिया कब शुरू होगी, इस पर इक्डोल प्रशासन भी कुछ कहने की स्थिति में नहीं है। इक्डोल में हालांकि जुलाई सत्र में प्रवेश के लिए आवेदन करने वालों की तादाद कम रहती है।
एमबीए, बीएड जैसे प्रोफेशनल कोर्स करने के इच्छुक और जुलाई सत्र में आवेदन के बावजूद प्रवेश न पाने वाले विद्यार्थी आवेदन करते हैं। वे विद्यार्थी भी प्रवेश लेते हैं, जो रेगुलर मोड से पढ़ाई जारी नहीं रख पाते। इक्डोल में एमए, एमबीए, बीएड के अलावा डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन डीसीए, डीडीएस डिप्लोमा इन डाटा साइंस के अलावा टूरिस्ट गाइड, योग का डिप्लोमा भी करवाया जाता है। एमबीए में 300 सीटें, बीएड में 450 सीटें भरी जाती हैं। अन्य कोर्साें में सीमित सीटें नहीं रहती हैं। इक्डोल के निदेशक प्रो. कुलवंत पठानिया ने कहा कि इक्डोल में प्रवेश यूजीसी के डिस्टेंस एजूकेशन ब्यूरो के आदेश आने के बाद ही शुरू हो पाएगा। संस्थान के स्तर पर कमेटियों का गठन कर प्रोस्पेक्टस तैयार करने और प्रवेश शुरू करने की तैयारी की गई है। डेब से आदेश आने के एक सप्ताह के भीतर इक्डोल में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।