आईजीएमसी रैगिंग मामले में चारों आरोपी छात्र सस्पेंड
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राज्य के सबसे बड़े अस्पताल इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में सामने आए रैगिंग मामले में द्वितीय वर्ष के चारों आरोपी छात्र शनिवार को सस्पेंड कर दिए गए। उन्हें हॉस्टल और कक्षा से निलंबन करने के आर्डर कॉलेज प्राचार्य ने जारी कर दिए हैं। रैगिंग से संबंधित जो ऑडियो क्लिप कॉलेज प्राचार्य के हाथ लगी है, उसे भी नजदीकी लक्कड़ बाजार पुलिस चौकी के सुपुर्द कर दिया गया है।
थाना सदर में पुलिस ने हिमाचल प्रदेश एजूकेशन इंस्टीट्यूशंस प्रोहिबिशन आफ रैगिंग एक्ट-2009 की धारा-3 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इसकी पुष्टि आईजीएमसी प्राचार्य डॉ. रविचंद शर्मा ने की। चारों छात्रों के अभिभावकों को भी कमेटी ने पत्राचार के माध्यम से फैसले से अवगत करवा दिया।
एसपी शिमला ओमापति जमवाल ने बताया कि आईजीएमसी प्रशासन की ओर से मिली शिकायत पर थाना सदर मेें रैंगिग का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि आईजीएमसी में फ्रेशर्स पार्टी से एक दिन पूर्व 2018 बैच के छात्रों के साथ द्वितीय वर्ष के छात्रों ने रैगिंग की।
एक छात्र ने एंटी रैगिंग कमेटी की हेल्पलाइन पर इसकी ऑनलाइन शिकायत कर दी, जिसके बाद कॉलेज प्राचार्य को ई-मेल से शिकायत मिली। सूत्रों के मुताबिक मेडिकल कॉलेज में छात्रों को फ्रेशर्स पार्टी की अनुमति रात नौ बजे तक थी। रात नौ बजे के करीब सभी शिक्षक पार्टी से चले गए, लेकिन छात्रों की यह पार्टी सुबह चार बजे तक चलती रही। यह भी जांच का विषय है।
रैगिंग के लिए अब प्रिंसिपल होंगे जिम्मेदार
राजधानी शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में रैगिंग की पुष्टि के बाद शासन हरकत में आ गया है। चार मेडिकल छात्रों के निलंबन के साथ ही शासन ने सभी मेडिकल कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को रैगिंग के संबंध में सख्त निर्देश जारी किए हैं। कहा गया है कि सभी मेडिकल कॉलेज अपने परिसर में केंद्र की ओर से रैगिंग रोकने के लिए बनाई गई गाइडलाइन का सख्ती से पालन करें।
साथ ही नए विद्यार्थियों से लगातार संपर्क बनाएं और उन्हें एंटी रैगिंग सेल व हेल्पलाइन नंबर की जानकारी दें। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान ने कहा कि अब अगर किसी भी संस्थान में रैगिंग की शिकायत सामने आई तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य और एंटी रैगिंग टीम की होगी।
धीमान ने कहा कि आईजीएमसी में मिली रैगिंग की शिकायत पर सख्त कार्रवाई की गई है। साथ ही प्रधानाचार्य को निर्देश दिए गए हैं कि वे एक बार खुद भी सीनियर छात्रों के साथ संपर्क कर उन्हें नियमानुसार व अच्छे तरीके से बर्ताव करने को कहें।