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किडनी मरीजों के लिए 32 अतिरिक्त बिस्तर लगाए
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आईजीएमसी प्रबंधन ने करवाई व्यवस्था, अस्पताल में दाखिल हैं 16 किडनी रोगी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में कोरोना पॉजिटिव मरीजों के डायलिसिस के लिए अस्पताल प्रबंधन ने न्यू ओपीडी ब्लॉक में 32 अतिरिक्त बिस्तरों की व्यवस्था कर दी है। अस्पताल में ऐसे कई कोरोना मरीज हैं जो किडनी रोग से पीड़ित हैं। इन मरीजों को डायलिसिस की जरूर पड़ती है।
आईजीएमसी के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. राहुल गुप्ता ने इसकी पुष्टि की है। अस्पताल में दाखिल कोरोना संक्रमित मरीज जिनका डायलिसिस होना है उन्हें आइसोलेशन वार्ड में उपचार दिया जाता था, ऐसे में अधिक संख्या में मरीजों के दाखिल होने से इन मरीजों को अलग से पहचान करने की मुश्किल आ रही थी। ऐसे में प्रबंधन ने अब कोरोना पीड़ित मरीजों के लिए अलग से व्यवस्था की है। हालांकि अब समस्या यह आ रही है कि अगर इन मरीजों को आइसोलेशन वार्ड में न रखकर न्यू ओपीडी ब्लॉक में उपचार दिया जाता है तो ऑक्सीजन
का बंदोबस्त करना मुश्किल होगा। न्यू ओपीडी ब्लॉक में ऑक्सीजन सिलिंडर के माध्यम से ही मरीजों को ऑक्सीजन दी जा सकती है, पाइप लाइन से यहां सप्लाई नहीं है। आइसोलेशन या मेकशिफ्ट वार्ड में सेंट्रल सिस्टम से ऑक्सीजन मरीजों को हर वक्त उपलब्ध रहती है।
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शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में कोरोना पॉजिटिव मरीजों के डायलिसिस के लिए अस्पताल प्रबंधन ने न्यू ओपीडी ब्लॉक में 32 अतिरिक्त बिस्तरों की व्यवस्था कर दी है। अस्पताल में ऐसे कई कोरोना मरीज हैं जो किडनी रोग से पीड़ित हैं। इन मरीजों को डायलिसिस की जरूर पड़ती है।
आईजीएमसी के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. राहुल गुप्ता ने इसकी पुष्टि की है। अस्पताल में दाखिल कोरोना संक्रमित मरीज जिनका डायलिसिस होना है उन्हें आइसोलेशन वार्ड में उपचार दिया जाता था, ऐसे में अधिक संख्या में मरीजों के दाखिल होने से इन मरीजों को अलग से पहचान करने की मुश्किल आ रही थी। ऐसे में प्रबंधन ने अब कोरोना पीड़ित मरीजों के लिए अलग से व्यवस्था की है। हालांकि अब समस्या यह आ रही है कि अगर इन मरीजों को आइसोलेशन वार्ड में न रखकर न्यू ओपीडी ब्लॉक में उपचार दिया जाता है तो ऑक्सीजन
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का बंदोबस्त करना मुश्किल होगा। न्यू ओपीडी ब्लॉक में ऑक्सीजन सिलिंडर के माध्यम से ही मरीजों को ऑक्सीजन दी जा सकती है, पाइप लाइन से यहां सप्लाई नहीं है। आइसोलेशन या मेकशिफ्ट वार्ड में सेंट्रल सिस्टम से ऑक्सीजन मरीजों को हर वक्त उपलब्ध रहती है।
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