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Shimla News: आईजीएमसी में इमरजेंसी लैब नहीं, मरीज झेल रहे परेशानी
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क्रस्ना लैब में भीड़ के चलते लगी रहती हैं लाइनें
मरीज निजी लैब में जांच करवाने को हो रहे हैं मजबूर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में इमरजेंसी लैब शुरू करने के दावे अब तक धरातल पर नहीं उतर पाए हैं। इसके चलते मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आपातस्थिति में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। ऐसे मरीजों को जरूरी जांच करवाने के लिए क्रस्ना लैब के चक्कर काटने पड़ते हैं। कई बार मरीजों को स्ट्रेचर पर ही जांच के लिए ले जाना पड़ता है। निजी लैब में जांच करवाने से मरीजों की जेब पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ता है। आईजीएमसी में ट्रॉमा सेंटर और आपातकालीन कक्ष की सुविधा उपलब्ध है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा प्रदेश के अन्य अस्पतालों से भी गंभीर मरीजों को रेफर किया जाता है। मरीजों की स्थिति का आकलन कर उचित उपचार देने के लिए डॉक्टर एक्स-रे, सीटी स्कैन और रक्त संबंधी जांच करवाने की सलाह देते हैं।
इमरजेंसी लैब नहीं होने से रक्त संबंधी जरूरी जांच करवाने में मरीजों को परेशानी होती है। इन्हें जांच के लिए क्रस्ना लैब में जाना पड़ता है, जहां दिन के समय भीड़ के कारण लंबी कतारों में लगना पड़ता है। आपातस्थिति में आए मरीजों को भी अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। इससे जांच रिपोर्ट मिलने और आगे का उपचार शुरू होने में देरी हो सकती है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि जल्द ही आईजीएमसी में इमरजेंसी लैब स्थापित कर दी जाएगी। इसके शुरू होने के बाद आपातस्थिति में आने वाले मरीजों को जरूरी जांच करवाने में राहत मिलेगी।
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मरीज निजी लैब में जांच करवाने को हो रहे हैं मजबूर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में इमरजेंसी लैब शुरू करने के दावे अब तक धरातल पर नहीं उतर पाए हैं। इसके चलते मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आपातस्थिति में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। ऐसे मरीजों को जरूरी जांच करवाने के लिए क्रस्ना लैब के चक्कर काटने पड़ते हैं। कई बार मरीजों को स्ट्रेचर पर ही जांच के लिए ले जाना पड़ता है। निजी लैब में जांच करवाने से मरीजों की जेब पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ता है। आईजीएमसी में ट्रॉमा सेंटर और आपातकालीन कक्ष की सुविधा उपलब्ध है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा प्रदेश के अन्य अस्पतालों से भी गंभीर मरीजों को रेफर किया जाता है। मरीजों की स्थिति का आकलन कर उचित उपचार देने के लिए डॉक्टर एक्स-रे, सीटी स्कैन और रक्त संबंधी जांच करवाने की सलाह देते हैं।
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इमरजेंसी लैब नहीं होने से रक्त संबंधी जरूरी जांच करवाने में मरीजों को परेशानी होती है। इन्हें जांच के लिए क्रस्ना लैब में जाना पड़ता है, जहां दिन के समय भीड़ के कारण लंबी कतारों में लगना पड़ता है। आपातस्थिति में आए मरीजों को भी अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। इससे जांच रिपोर्ट मिलने और आगे का उपचार शुरू होने में देरी हो सकती है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि जल्द ही आईजीएमसी में इमरजेंसी लैब स्थापित कर दी जाएगी। इसके शुरू होने के बाद आपातस्थिति में आने वाले मरीजों को जरूरी जांच करवाने में राहत मिलेगी।
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