IGMC: महंगा हुआ स्पेशल वार्ड, जानिए कितना?
आईजीएमसी अस्पताल में स्पेशल वार्ड की चाहत अब मरीजों को महंगी पड़ने वाली है। प्रबंधन ने एक दिन का किराया 200 रूपये बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेज दिया है।
मंजूरी मिलने के बाद प्रति दिन मरीज को स्पेशल वार्ड के 500 रूपये चुकाने होंगे। अस्पताल प्रबंधन अभी केवल तीन सौ रूपये ही लेता है। प्रबंधन का दावा है कि स्पेशल वार्ड में मिलने वाली सुविधाएं बेहतर हैं इसका किराया बहुत ही कम है।
कई मरीज महीने तक स्पेशल वार्ड में ही रहते हैं। इससे दूसरे मरीजों को स्पेशल वार्ड में कमरा नहीं मिल पाता। अस्पताल में पुरानी और नई दोनों बिल्डिंग में स्पेशल वार्ड हैं। पुराने भवन में मरीज को अकेले कमरा दिया जाता है लेकिन नई बिल्डिंग में दो मरीजों को एक कमरा शेयर करना पड़ता है।
हर वक्त रहती है मारामारी
हालांकि कमरे को दो भागों में बांट रखा है ताकि मरीजों की प्राइवेसी रह सके। एक दिन में औसतन स्पेशल वार्ड में कमरे की डिमांड 50 से 60 रहती है जिसे पूरा कर पाना संभव नहीं। स्पेशल वार्ड में ज्यादा से ज्यादा प्रबंधन केवल 35 से 40 मरीजों को एडजस्ट कर सकते हैं।
इसके बाद स्पेशल वार्ड के लिए मरीज को लंबी वेटिंग का इंतजार करना पड़ता है। प्रबंधन पहले आओ पहले पाओ के आधार पर कमरे का आवंटन मरीज को करता है। स्पेशल वार्ड में दाखिल होने के बाद मरीज की टेस्ट फीस भी जनरल वार्ड के मुकाबले लगभग दोगुनी हो जाती है।
स्पेशल वार्ड में कमरा हासिल करने के लिए मारामारी रहती है। प्रबंधन पर कमरों के आवंटन को लेकर काफी प्रैशर रहता है।
प्रबंधन का ये जवाब
प्रबंधन का मानना है कि बहुत कम किराया होने पर इतनी मारामारी है। अगर इसके रेट बढ़ जाते हैं तो इसकी मांग कम हो जाएगी। जो मरीज स्पेशल वार्ड लेगा वह भी दो से तीन दिन से अधिक नहीं रहेगा।
हालांकि, प्रबंधन के इस जवाब से डिमांड कितनी कम होगी, इसका पता तो आने वाले दिनों में चलेगा, मगर ये जरूर है कि अब लोगों को यहां ठहरने के लिए जेब ढीली करनी होगी।
उधर, इस बारे में आईजीएमसी के प्रिंसिपल प्रोफेसर एस एस कौशल ने कहा कि स्पेशल वार्ड के कमरों का किराया बढ़ाने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है।