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इस दिन न आएं आईजीएमसी, बंद रहेंगे ओटी और ओपीडी
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sun, 22 Jan 2017 12:01 AM IST
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सोमवार को आईजीएमसी और केएनएच में मरीजों का इलाज बंद रहेगा। अस्पताल में ओटी, ओपीडी सहित वार्डों में किसी भी मरीज को आरडीए डॉक्टर उपचार नही देंगे। जबकि विंटर वेकेशन होने के कारण ओपीडी में किसी भी सीनियर डॉक्टर मरीजों को उपलब्ध नही हो पाएगा।
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ऐसे में डॉक्टरों के सामूहिक अवकाश में जाने के कारण मरीजों को दर दर भटकने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। तीन सौ के करीब रेजिडेंट डॉक्टर सामूहिक अवकाश पर होंगे। यह जानकारी आईजीएमसी आरडीए अध्यक्ष डॉ. अजय जरयाल ने दी। उन्होंने बताया कि सामूहिक अवकाश को लेकर आईजीएमसी में दोपहर डेढ़ बजे के करीब 601 नंबर कमरे में आपातकालीन बुलाई।
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बैठक में सर्वसहमति से निर्णय लिया गया कि सोमवार को सभी रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर रहेंगे। इधर अस्पताल में सबसे ज्यादा परेशानी ऑपरेशन करवाने आने वाले मरीजों को पेश आएंगी। क्योंकि इस दौरान ओटी (ऑपरेशन थियेटर) में सीनियर डॉक्टरों के साथ रेजिडेंट ही मौके पर मौजूद होते है। जबकि ऑपरेशन के दौरान इस्तेमाल होने वाले उपकरणों व जरूरी सामान को पहुंचाना इन्हीं की ही जिम्मेवारी होती है।
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ऐसे में आरडीए ने साफ कर दिया है, कि अगर उनकी मांगों को न माना गया तो आगे आने वाले दिनों में पेन डाउन स्ट्राइक पर भी जाएंगे। जबकि दूसरी ओर ओपीडी और वार्ड में भी काम पूरी तरह ठप रहेगा। उधर आरडीए का कहना है कि अस्पताल में डॉक्टरों को मरीजों के परिजनों द्वारा प्रताड़ित व उनसे मारपीट की जाती है। जोकि पूरी तरह गलत है। ऐसी प्रताड़ना सहने के बाद डॉक्टरों को मानसिक प्रताड़ना होने के कारण अपनी जान तक गंवानी पड़ रही है। आरडीए का दो टूक कहना है कि वह एचएमओ की सभी मांगों का समर्थन करती है।
वही जब तक डॉक्टरों द्वारा सरकार से गैर जमानती धारा को लागू नही किया जाता वह मानने वाले नही है। आरडीए का कहना है कि हर रोज विभिन्न जगहों पर डॉक्टरों के साथ मारपीट होती है लेकिन गैर जमानती धारा की मांग को लेकर सरकार सिर्फ आश्वासन ही देती रहती है, जोकि पूरी तरह गलत है। इसे अब सहा नही जाएगा। इधर बैठक में आरडीए अध्यक्ष डॉ. अजय जरयाल, डॉ. संदीप कौशिक, डॉ. दीपक, डॉ. विशाल, प्रेस सचिव डॉ. विनीत और डॉ. दिगविजय सहित अन्य रेजिडेंट डॉक्टर मौजूद रहे।
सप्ताह का पहला सोमवार को होती भारी भीड़
आईजीएमसी में सप्ताह के पहले सोमवार को भारी भीड़ होती है। ऐसे में विंटर वेकेशन होने के चलते सीनियर डॉक्टर भी ओपीडी में नही होंगे। जिससे कि ओपीडी में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को परेशान होना पड़ेगा।
कब क्या होगा
आरडीए 23 जनवरी को सामूहिक अवकाश पर रहेगा। वही 24 से 2 फरवरी तक काले बिल्ले लगाकर डॉक्टर काम करेंगे। 03 से 12 फरवरी तक पेन डाउन स्ट्राइक होगी। यदि तब तक भी सरकार कोई निर्णय नही लेती है तो 24 फरवरी को मास रेजिगनेशन दिया जाएगा।
इमरजेंसी रहेगी चालू
इधर आरडीए ने स्पष्ट किया है कि मरीजों को किसी भी तरह की परेशानी नही आने दी जाएगी। आईजीएमसी के इमरजेंसी विभाग और केएनएच के लेबर रूम में काम सामान्य तरीके से चलता रहेगा।