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जून तक बागवानों की सुनवाई न हुई तो करेंगे आंदोलन: राठौर

Sat, 12 Oct 2019 06:02 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 12 Oct 2019 06:02 PM IST
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If the gardeners are not heard till June, they will agitate: Rathore

राजीव गांधी पंचायतीराज संस्थान के प्रदेश संयोजक दीपक राठौर ने कहा कि सरकार ने जून तक बागवानों की मांगों पर सुनवाई नहीं की तो आंदोलन करेंगे। प्रदेश के बागवानों को एक जुट किया जाएगा। दस साल पहले बागवानों को सेब के जो दाम मिले थे, वह इस बार मिले हैं। इस साल सेब का उत्पादन भी बंपर नहीं हुआ है। संगठन शीघ्र मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह को मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपेगा। 

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दीपक राठौर ने शनिवार को प्रेस सम्मेलन में कहा कि प्रदेश में चार हजार करोड़ के सेब कारोबार पर ऐसा संकट क्यों पैदा हुआ। इसे लेकर छह सदस्यीय एक कमेटी ने नारकंडा और पराला क्षेत्र में बागवानों, आढ़तियों और लदानियों से बातचीत की थी और वस्तुस्थिति को जानने की कोशिश की। बागवानों की यह समस्या विभिन्न कारणों से उत्पन्न हुई है। राठौर ने कहा कि प्रदेश की छह-सात पंचायतों के लिए विभिन्न स्थानों में कोल्ड स्टोर तैयार किए जाएं।
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जैसे ही सेब के रेट ज्यादा मिलें तो बागवान सेब मंडियों में अपने उत्पाद तय दामों पर बेच सकें। ये कोल्ड स्टोर बागवानों की सहकारी सभाओं के माध्यम से बनाए जाएं। कंपनियों पर नियंत्रण रखकर कीटनाशकों की गुणवत्ता तय की जाए। घटिया कीट नाशकों के उपयोग से सेब की गुणवत्ता और उत्पादन पर विपरीत असर पड़ रहा है। एक ही छत के नीचे आढ़तियों कारोबार करने की मंजूरी दी जाए।

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