दिल्ली से धर्मपुर पहुंची टीम, दिमागी बुखार पीड़ित इलाकों में जुटाएगी नमूने
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दिमागी बुखार से पीड़ित बच्चों के गांवों का मुआयना करने के लिए दिल्ली कीट विज्ञान की टीम सोलन पहुंच गई है। यह टीम धर्मपुर विकास खंड के गांव में मच्छर एवं कीट डिंभ के नमूने एकत्र कर जांच करेगी। जिससे मच्छरों से होने वाले दिमागी बुखार को लेकर उपचार के नए तरीकों की खोज के साथ ही बीमार बच्चों का बेहतर उपचार हो पाएगा।
इसके अलावा महामारी विज्ञान का एक दल भी बीमारी के कारणों की जांच करेगा। मंगलवार को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सोलन के धर्मपुर खंड में मस्तिष्क ज्वर की जानकारी प्रदान करने के लिए सूचना शिक्षा एवं संप्रेषण दल (आईईसी) ने ग्रामीणों को जागरूक किया।
आईईसी के लिए विभाग की ओर से गठित 5 टीमों ने धर्मपुर विकास खंड के उन गांवों का दौरा किया, जहां दिमागी बुखार से ग्रसित रोगी पाए गए थे। इन टीमों ने गांवों में लोगों को इस बुखार के बारे में जागरूक किया। सभी गांवों में इस रोग के नए रोगी के संबंध में भी सूचना एकत्र की गई। हालांकि, कोई भी नया रोगी नहीं पाया गया है। पुराने सभी रोगी स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
दिमागी बुखार नियंत्रण में, भयभीत न हों
मुख्य चिकित्सा अधिकारी आरके दरोच ने कहा कि दिल्ली से कीट विज्ञान की टीम सोलन पहुंच चुकी है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से आग्रह किया कि अपने घर के आसपास पानी एकत्र न होने दें। खेतों में पूरे कपड़े पहनकर कार्य करें तथा घर पर भी मच्छरों से बचाव रखें।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरेक दरोच ने बताया कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। इससे पीड़ित कोई नया रोगी सामने नहीं आया है। यदि कोई बुखार से पीड़ित है तो वह नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र में अपनी जांच करवा सकता है। इसके लिए स्वास्थ्य केंद्रों में जांच के प्रबंध कर दिए गए हैं। उन्होंने लोगों से आह्वान किया है कि वे भयभीत न हों।