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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Ice skating started again in Shimla rink after a week

Shimla: शिमला रिंक में एक सप्ताह बाद फिर से आइस स्केटिंग शुरू, बर्फ की ठोस परत जमी

Thu, 09 Jan 2025 11:37 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 09 Jan 2025 11:37 AM IST
सार

 इंतजार के बाद शिमला के ऐतिहासिक आइस स्केटिंग रिंक पर फिर से सुबह के समय आइस स्केटिंग शुरू हो गई। एक जनवरी को आयोजित स्केटिंग सत्र के बाद से खराब मौसम के कारण स्केटिंग नहीं हो पाई थी।
 

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Ice skating started again in Shimla rink after a week
शिमला रिंक में एक सप्ताह बाद फिर से आइस स्केटिंग शुरू - फोटो : संवाद

विस्तार

 एक सप्ताह के लंबे इंतजार के बाद शिमला के ऐतिहासिक आइस स्केटिंग रिंक पर फिर से सुबह के समय आइस स्केटिंग शुरू हो गई। एक जनवरी को आयोजित स्केटिंग सत्र के बाद से खराब मौसम के कारण स्केटिंग नहीं हो पाई थी।लगातार हो रही बारिश ने रिंक पर बर्फ जमने में बाधा डाली थी जिसके चलते स्केटिंग प्रेमियों को मायूसी का सामना करना पड़ा। वहीं बुधवार को सुबह के सत्र में करीब 60 लोगों ने स्केटिंग में हिस्सा लिया। सुबह से ही स्केटिंग प्रेमियों की भीड़ रिंक पर जुटना शुरू हो गई थी। प्रतिभागियों में स्थानीय निवासी और पर्यटक दोनों शामिल थे। रिंक के सचिव रजत मल्होत्रा ने बताया कि पिछले सप्ताह खराब मौसम के कारण स्केटिंग सत्र रद्द करना पड़ा था लेकिन आज के आयोजन में प्रतिभागियों का उत्साह देखकर हमें खुशी हो रही है। उन्होंने बताया कि खेलो इंडिया नेशनल गेम्स के लिए आइस हॉकी के ट्रायल 11 जनवरी को काजा में होंगे।

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शिमला आइस स्केटिंग रिंक अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए जाना जाता है। यह एशिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक आइस स्केटिंग रिंक है, जो सर्दियों के मौसम में स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। यहां दिसंबर से फरवरी के बीच स्केटिंग सीजन होता है, जब ठंडी हवाओं और साफ आसमान के बीच बर्फ की परत जमाई जाती है। बर्फ जमाने के लिए सूखे और ठंडे मौसम की जरूरत होती है। शिमला और आसपास के क्षेत्रों में अधिक बर्फबारी और बारिश ने रिंक को बुरी तरह प्रभावित किया है। बर्फ और बादल रिंक के ऊपर कंबल का काम करता है जिससे रिंक की सतह का तापमान बढ़ता और बर्फ नहीं जम पाती। बर्फबारी के अलावा दिन में गर्मी भी स्केटिंग रिंक की बर्फ को पिघला रही है। रिंक के चारों ओर छाया प्रदान करने वाले पेड़ों की कटाई का असर भी रिंक में दिख रहा है। पहले यह पेड़ बर्फ को तेज धूप से बचाते थे जिससे यह लंबे समय तक सुरक्षित रहती थी। अब छाया के अभाव में बर्फ जल्दी पिघलने लगी है जिससे सत्रों की संख्या घटी है।

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