मुख्य सचिव के पद को लेकर हिमाचल सरकार ने लिया बड़ा फैसला
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हिमाचल सरकार में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनीत चौधरी को मुख्य सचिव के बराबर लाभ देने का फैसला ले लिया है, जबकि उनका पद प्रधान सलाहकार लोक जन शिकायत निवारण का ही रहेगा। इस फैसले को लेने के बाद राज्य सरकार 14 मार्च को केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल चंडीगढ़ के समक्ष अपना जवाब दायर करेगी।
प्रशासनिक ट्रिब्यूनल ने कड़ा फैसला सुनाते हुए विनीत चौधरी को सीएस के बराबर तैनाती देने के आदेश जारी किए थे। ऐसा नहीं करने की स्थिति में वर्तमान मुख्य सचिव वीसी फारका के पास भी मुख्य सचिव की शक्तियों के नहीं रहने की चेतावनी दी थी।
केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के इस फैसले के बाद सरकार ने पिछले दिनों तय किया है कि प्रधान सचिव जन शिकायत निवारण के इस पद को ही मुख्य सचिव के बराबर माना जाएगा। चौधरी को वही वित्तीय एवं अन्य लाभ दिए जाएंगे, जो मुख्य सचिव को मिल रहे हैं।
ये है पूरा मामला
अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रेणी के अधिकारी विनीत चौधरी अपने से कनिष्ठ अधिकारी वीसी फारका को सीएस बनाए जाने के बाद नाराज चल रहे थे। वे लंबे समय तक छुट्टी पर रहे। बाद में वे और एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी दीपक सानन केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल गए तो वहां से उन्हें सीएस के बराबर पदों पर तैनात करने के निर्देश दिए गए थे।
इन दोनों अधिकारियों के लिए सरकार ने प्रधान सलाहकार के एक्स-काडर पदों को सृजित किया था। दीपक सानन सेवानिवृत्त हो गए हैं। वे प्रधान सलाहकार प्रशासनिक सुधार तैनात किए गए थे। उनकी सेवानिवृत्ति के साथ ही उनका यह पद भी खत्म हो गया है। इसी तरह से प्रधान सलाहकार जन शिकायत निवारण के पद पर तैनात विनीत चौधरी को सीएस के बराबर के अतिरिक्त लाभ दिए जा रह हैं। इन्हें सीएस की तरह की अपनी गाड़ी में बत्ती लगाने को भी अधिकृत किया गया है।