ग्रांफू-समदो सड़क का काम बीआरओ से छीनने पर सैकड़ों महिलाओं ने मारकंडा का रास्ता रोका
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सामरिक महत्व की ग्रांफू-समदो सड़क का निर्माण कार्य बीआरओ से लेकर पीडब्ल्यूडी को देने का विरोध बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को स्पीति की सैकड़ों महिलाओं ने कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा को स्पीति पहुंचने से पहले ही काजा के प्रवेश द्वार पर रास्ता रोककर वापस भेज दिया। मंत्री गो बैक के नारे भी लगाए। 300 के करीब महिलाओं ने स्पीति से ताल्लुक रखने वाले तीनों जनजातीय सलाहकारों और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ भी मुर्दाबाद के नारे लगाए। महिलाओं ने विरोध जताते हुए बताया कि उक्त सड़क का काम पीडब्ल्यूडी को देने से स्पीति के 213 मजदूर बेरोजगार हो गए हैं।
इन मजदूरों के घरों में चूल्हा जलना बंद हो गया। बीआरओ से निकाले गए मजदूर पिछले चार दिन से अनशन पर हैं। बीआरओ ने कृषि मंत्री से निकाले मजदूरों के अनशन के संदर्भ में बातचीत करनी थी, लेकिन मंत्री को काजा के प्रवेश द्वार से ही वापस भेजने से बातचीत नहीं हो सकी। महिलाओं का कहना है कि स्थानीय ठेकेदार बाहरी मजदूरों को घाटी लाने के लिए प्रशासन पर दबाव बना रहे हैं। महिलाओं का कहना था कि कोरोना महामारी के चलते प्रदेश में क्वारंटीन के लिए सबके लिए नियम समान होने चाहिएं। जब स्थानीय लोग बाहर से आने पर क्वारंटीन हो रहे हैं तो मंत्री को भी नियमों का पालन करते हुए क्वारंटीन होना चाहिए।
स्पीति के लोगों का हमेशा देंगे साथ: रवि ठाकुर
सड़क मार्ग बीआरओ से छिन जाने के बाद पूर्व विधायक रवि ठाकुर ने कहा कि महिलाओं ने जिस तरह मंत्री को काजा में घुसने नहीं दिया है, यह उनके कर्मों का फल है। उन्होेंने कहा कि वह हमेशा स्पीति के लोगों के साथ हैं।
लोगों को भड़का रही कांग्रेस : मारकंडा
कृषि मंत्री डॉ. मारकंडा ने कहा कि इसके पीछे कांग्रेस की घटिया राजनीति है। कांग्रेस के लोग स्पीति के भोले-भाले लोगों को गुमराह कर सरकार के खिलाफ भड़का रहे हैं। कहा, बीआरओ से निकाले मजदूरों को लोनिवि में रोजगार दिया जाएगा।
क्वारंटीन नियम तोड़ने पर मंत्री मारकंडा पर दर्ज हो एफआईआर : राठौर
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार कोरोना महामारी के चलते क्वारंटीन पर दोहरे मापदंड अपना रही है। यही वजह है कि प्रदेश में इसके मामले दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं। कृषि मंत्री रामलाल मारकंडा पर क्वारंटीन नियम तोड़ने पर एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। राठौर ने लाहुल स्पीति जिले में मंगलवार को प्रदेश के कृषि मंत्री के प्रवेश के जोरदार विरोध का समर्थन करते हुए कहा है कि कानून सबके लिए एक समान है। भाजपा नेता और मंत्री इस नियम की खुलेआम अवहेलना कर रहे हैं।
एक बड़े सरकारी काफिले के साथ मारकंडा ने सोशल डिस्टेंसिंग नियम भी तोड़ा है। इस पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस महानिदेशक के क्वारंटीन पर भी चिंता जताते हुए कहा है कि यह सब प्रदेश सरकार और प्रशासन के ढुलमुल रवैये का ही नतीजा है, जो प्रदेश के पुलिस प्रमुख को भी क्वारंटीन होना पड़ा है। राठौर ने स्पीति में मंत्री के विरोध को जायज ठहराते हुए कहा कि इन महिलाओं ने एक सजग नागरिक की भूमिका निभाई है, जिसके लिए वह बधाई की पात्र हैं।