फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Hundreds of fish dying in Rewalsar lake Mandi Himachal Pradesh

ऑक्सीजन की कमी से टनों के हिसाब से मछलियों की मौत

Fri, 21 Apr 2017 08:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रिवालसर (मंडी)
ब्यूरो/अमर उजाला, रिवालसर (मंडी) Updated Fri, 21 Apr 2017 08:57 AM IST
विज्ञापन
Hundreds of fish dying in Rewalsar lake Mandi Himachal Pradesh

रिवालसर झील के प्रदूषित पानी की सैंपल रिपोर्ट आ गई है। इसमें ऑक्सीजन की अत्यधिक कमी पाई गई है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने रिपोर्ट एसडीएम बल्ह को रिपोर्ट सौंप दी है। अभी झील के पानी के रंग बदलने के कारणों की फाइनल रिपोर्ट नहीं आई है। झील में वीरवार को भी मछलियों के मरने का सिलसिला जारी रहा। 

विज्ञापन


विभाग के अधिकारी मछलियों को बचाने में लगे हैं। इन्हें बीएसएल नहर में शिफ्ट किया जा रहा है। झील में ताजा पानी तथा ऑक्सीजन की पंपिंग कर मछलियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। मामले में जहर घोलने की शिकायत मिलने पर सीआईडी की टीम भी रिवालसर पहुंच गई है।
विज्ञापन


इन दिनों मछलियों की ब्रीडिंग का समय चला हुआ है। झील में कई वर्षों से मछलियों की तादात बढ़ गई है। लंबे अरसे से इन्हें झील से शिफ्ट नहीं किया गया है। इससे ये क्षमता से अधिक हो गई हैं। टनों के हिसाब से मछलियों की मौत के बाद प्रशासन ने झील के संरक्षण को सोसायटी का गठन तो कर दिया, लेकिन इन्हें बचाने के प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


बीते बुधवार तक मृत मछलियों को 12 से 15 ट्रैक्टर डंप किए जा चुके थे। एसडीएम बल्ह सिद्धार्थ आचार्य ने कहा कि बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार झील में आक्सीजन की बेहद कमी हो गई थी। इस कारण मछलियों की मौत हुई है। पानी के रंग बदलने के कारणों का पता नहीं चला है। हजारों मछलियों को झील से शिफ्ट किया गया है। 


कई वर्षों से नहीं हटी गाद, न शिफ्ट हुईं मछलियां
झील में कई वर्षों से जमी गाद और झील की गहराई में लगातार हो रही कमी को मछलियों की मौत का कारण माना जा रहा है। यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि कई वर्षों से झील के नीचे जो गंदगी जमी थी, उसमें मछलियों की हलचल से झील का रंग बदला है। कई वर्षों से झील से मछलियों को शिफ्ट नहीं किया है। इससे झील में क्षमता से कई गुना अधिक मछलियां हो गईं थीं, लेकिन इन्हें यहां से शिफ्ट नहीं किया गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed