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मां के दरबार में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, घंटी बजी न बंटा प्रसाद
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नवरात्र के पहले दिन तारादेवी में तीन हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने नवाया शीश
क्रॉसर
टीका लगाने, चरणामृत बांटने और घंटी बजाने पर थी पाबंदी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शारदीय नवरात्र के पहले दिन वीरवार को मंदिरों में भक्तों की खूब भीड़ उमड़ी। तारादेवी में व्यवस्था बनाए रखने के लिए होमगार्ड के दस जवान तैनात किए गए थे।
शहर से करीब अठारह किलोमीटर दूर मां तारादेवी मंदिर में दर्शनों के लिए कपाट सुबह पांच बजे खोल दिए थे। लोगों के अलावा बाहरी राज्यों से आए पर्यटक भी यहां पर दर्शनों के लिए पहुंचे थे। शाम चार बजे तक तीन हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मंदिर में माथा टेका। मंदिर में टीका लगाने, चरणामृत बांटने और घंटी बजाने पर प्रतिबंध है। भक्त प्रसाद लेकर आए थे लेकिन इसे दूर से ही एक टोकरी में रखकर मां को चढ़ाया गया।
कालीबाड़ी मंदिर के कपाट सुबह छह बजे भक्तों के लिए खोले गए। यहां सुबह के समय मां की विशेष आरती हुई। मंदिर में प्रवेश करने से पहले लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई और नाम-पत्ते लिखे गए। दोपहर सवा बारह बजे के करीब भक्तों की खूब भीड़ मां के दर्शनों के लिए उमड़ी। भक्तों ने मंदिर के मुख्यद्वार से ही माथा टेका। कालीबाड़ी मंदिर के सचिव सोमनाथ प्रमाणिक ने यह जानकारी दी। मंदिर के मुख्यद्वार से ही भक्त मां के दर्शन कर पाएंगे। लोगों को कोविड नियमों का इस दौरान पालन करना होगा। इसके अलावा लोगों ने संकटमोचन और हनुमान मंदिर जाखू में जाकर भी पूजा अर्चना की।
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टीका लगाने, चरणामृत बांटने और घंटी बजाने पर थी पाबंदी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शारदीय नवरात्र के पहले दिन वीरवार को मंदिरों में भक्तों की खूब भीड़ उमड़ी। तारादेवी में व्यवस्था बनाए रखने के लिए होमगार्ड के दस जवान तैनात किए गए थे।
शहर से करीब अठारह किलोमीटर दूर मां तारादेवी मंदिर में दर्शनों के लिए कपाट सुबह पांच बजे खोल दिए थे। लोगों के अलावा बाहरी राज्यों से आए पर्यटक भी यहां पर दर्शनों के लिए पहुंचे थे। शाम चार बजे तक तीन हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मंदिर में माथा टेका। मंदिर में टीका लगाने, चरणामृत बांटने और घंटी बजाने पर प्रतिबंध है। भक्त प्रसाद लेकर आए थे लेकिन इसे दूर से ही एक टोकरी में रखकर मां को चढ़ाया गया।
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कालीबाड़ी मंदिर के कपाट सुबह छह बजे भक्तों के लिए खोले गए। यहां सुबह के समय मां की विशेष आरती हुई। मंदिर में प्रवेश करने से पहले लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई और नाम-पत्ते लिखे गए। दोपहर सवा बारह बजे के करीब भक्तों की खूब भीड़ मां के दर्शनों के लिए उमड़ी। भक्तों ने मंदिर के मुख्यद्वार से ही माथा टेका। कालीबाड़ी मंदिर के सचिव सोमनाथ प्रमाणिक ने यह जानकारी दी। मंदिर के मुख्यद्वार से ही भक्त मां के दर्शन कर पाएंगे। लोगों को कोविड नियमों का इस दौरान पालन करना होगा। इसके अलावा लोगों ने संकटमोचन और हनुमान मंदिर जाखू में जाकर भी पूजा अर्चना की।
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