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एचआरटीसी ने डीजल पर 5950 खर्चे, कमाई महज 465 रुपये
Thu, 17 Jun 2021 10:40 AM IST
Krishan Singh
संजय भारद्वाज, अमर उजाला, नाहन (सिरमौर)
संजय भारद्वाज, अमर उजाला, नाहन (सिरमौर)
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 17 Jun 2021 10:40 AM IST
सार
खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के रूटों पर एचआरटीसी को सवारियां नहीं मिल रहीं। नाहन-टौंडा रूट पर सिर्फ दो सवारियां लेकर बस ने 210 किलोमीटर का सफर तय किया।
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हिमाचल पथ परिवहन निगम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल पथ परिवहन निगम ने कोरोना कर्फ्यू में ढील के बाद जनता की सहूलियत के लिए सोमवार से बसें चला दी हैं, लेकिन सवारियां नहीं मिल रही हैं। कई रूट एचआरटीसी प्रबंधन के लिए घाटे का सौदा साबित हो रहे हैं। 210 किलोमीटर तक का सफर महज दो तीन सवारियों को लेकर किया जा रहा है। कई रूट ऐसे भी हैं, जहां एक ही सवारी को बैठाकर बस अपने गंतव्य तक पहुंची।
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खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के रूटों पर एचआरटीसी को सवारियां नहीं मिल रहीं। नाहन-टौंडा रूट पर सिर्फ दो सवारियां लेकर बस ने 210 किलोमीटर का सफर तय किया। नाहन-सोलन में एक, नाहन-गातू में तीन, नाहन-कौलांवालाभूड वाया चासी में दो, नाहन-बेचड़ का बाग रूट पर तीन, नाहन -कौलांवालाभूड़ वाया सैनवाला रूट पर सिर्फ तीन ही सवारियां मिलीं। एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक संजीव बिष्ट का कहना है कि जिले के कई रूट ऐसे हैं जहां नाममात्र सवारियां मिल रही हैं। बावजूद इसके बसों का संचालन किया जा रहा है।
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केस स्टडी-1
मंगलवार सुबह 7:15 पर नाहन से टौंडा के लिए बस चली। लगभग 210 किलोमीटर लंबे इस रूट पर एचआरटीसी को तीन सवारियां मिलीं। जिनसे किराये के रूप में 465 रुपये की कमाई हुई। इस रूट पर बस चलाने में एक तरफ का ही 70 लीटर डीजल खर्च हो गया। जिस पर लगभग 5950 रुपये खर्च हो गए।
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केस स्टडी-2
मंगलवार सुबह 8:15 पर सोलन के लिए बस रवाना हुई। लगभग 195 किलोमीटर लंबे इस रूट पर निगम ने 5525 रुपये का 65 लीटर डीजल खर्च किया। सवारी महज एक मिली। इस बस रूट पर निगम ने 432 रुपये कमाए।
केस स्टडी-3
55 किमी लंबे नाहन-गातू रूट पर निगम को सिर्फ तीन सवारियां मिली। इस रूट पर निगम ने 125 रुपये की कमाई की, जबकि 1530 रुपये का डीजल खर्च हुआ।