एचआरटीसी ने अपनी बसें खड़ी कर सड़कों पर दौड़ा दी ठेके पर लीं बसें
यह इसलिए ताकि वेटलीजिंग की बसों को प्रोफिट में शो किया जा सके। जबकि इन रूटों पर पहले से चल रही परिवहन निगम की बसों को हटाकर उन्हें घाटे वाले रूटों पर दौड़ा गया।
परिवहन निगम प्रदेश 80 बसों को वेटलीजिंग पर चला रहा है। यह सभी बसें निजी ऑपरेटरों से ली गई हैं। निगम की ओर से इन्हें प्रति किलोमीटर 40 रुपये के हिसाब से राशि का भुगतान किया जा रहा है।
रात के रूटों से हटा दी अपनी बसें
इसमें 20 रुपये निजी ऑपरेटरों को जबकि 20 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से डीजल डाला जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि कुल 80 बसों में से 29 बसें बिना डिमांड के चलाई गई। परिवहन निगम को इन बसों से प्रतिदिन हजारों रुपये का घाटा हो रहा है।
परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने बताया कि वेटलीजिंग बसों की जांच चल रही है। घाटे पर चल रही सभी वेटलीजिंग की बसें बाहर होंगी। निगम की अपनी बसें खड़ी हैं। इससे भी निगम को हर महीने लाखों का घाटा हो रहा है।
हिमाचल के जिन रात वाले रूटों पर परिवहन निगम की बसें चलाई जाती थी उन रूटों पर भी वेटलीजिंग की बसें चला दी गईं। संयुक्त समन्वय समिति के सचिव राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि रात्रि रूटों से परिवहन निगम को फायदा हो रहा था।
अपनी बसें हटाई जाने से निगम को घाटा हुआ है। उन्होंने कहा कि उस दौरान निगम प्रबंधन के समक्ष भी इस मामले को उठाया गया था, लेकिन समिति की नहीं सुनी गई।