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Himachal Bus Accident: उत्तराखंड के क्वानू के पास खड्ड में गिरी एचआरटीसी बस, नेरवा के 3 लोगों की मौत, 28 घायल

Tue, 03 Feb 2026 10:49 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, नेरवा (रोहड़ू)/पांवटा साहिब/कालसी।
संवाद न्यूज एजेंसी, नेरवा (रोहड़ू)/पांवटा साहिब/कालसी। Published by: Krishan Singh Updated Tue, 03 Feb 2026 10:49 AM IST
सार

हिमाचल पथ परिवहन निगम(एचआरटीसी) के नेरवा डिपो की बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। हादसे में तीन लोगों की माैत हो गई। पढ़ें पूरी खबर...

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उत्तराखंड के क्वाणु के पास नदी में गिरी एचआरटीसी बस। - फोटो : संवाद

विस्तार

नेरवा से वाया विकासनगर पांवटा साहिब जा रही हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बस 100 मीटर गहरी खाई से लुढ़कते हुए खड्ड में जा गिरी। मंगलवार सुबह विकासनगर के पास हरिपुर-कोटी-क्वानू-मीनस राजमार्ग पर हुए इस हादसे में तीन यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 28 घायल हो गए हैं। मृतकों में तीनों नेरवा के हैं। घायलों में चालक समेत ज्यादातर हिमाचल के हैं। बस में चालक-परिचालक समेत 36 लोग सवार थे।

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शिमला जिला के नेरवा से मंगलवार सुबह पांवटा साहिब के लिए निकली एचआरटीसी बस (एचपी 66 ए-2588) कवाणू में कालसी की ओर से आ रहे ट्रक को पास देते समय डंगा धंसने से कई पलटे खाते हुए नीचे खड्ड में जा गिरी। सुबह करीब साढ़े नौ बजे हुए इस हादसे में रिचा (30) पत्नी वीरेंद्र निवासी बिजमल नेरवा, यासमिन (38) पत्नी नेक मोहम्मद निवासी क्यारला नेरवा और धन बहादुर पुत्र कारी बहादुर निवासी क्यारला नेरवा (शिमला) की मौके पर ही मौत हो गई।

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सुबह करीब 10 बजे सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार राजेंद्र लाल घटनास्थल पर पहुंचे। साथ ही एसडीआरएफ की टीम भी पहुंची। इससे पहले स्थानीय लोगों ने रस्सियों और स्ट्रेचर की मदद से घायलों को खाई से बाहर निकालकर सड़क तक पहुंचाया। समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंचने पर लोगों ने सड़क पर आने-जाने वाले वाहनों को रोककर उनमें घायलों को डालकर अस्पताल भेजा। दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आईं। घायलों में 17 शिमला जिले के हैं, जबकि तीन देहरादून, छह बिहार और दो उत्तर प्रदेश के हैं। चौदह घायलों को उप जिला अस्पताल, 10 को हरबर्टपुर स्थित लेहमन अस्पताल और तीन पांवटा साहिब अस्पताल में भर्ती हैं।

चालक ग्राफिक एरा अस्पताल देहरादून में भर्ती है। एडीएम वित्त केके मिश्रा, एसडीएम विकासनगर विनोद कुमार, एसडीएम पांवटा साहिब गुंजित सिंह चीमा, डीएसपी पांवटा साहिब मानवेंद्र ठाकुर और तहसीलदार विकासनगर विवेक राजौरी ने भी अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। एडीएम ने कहा कि हादसा किन कारणों से हुआ है, इसकी जांच की जा रही है।
 

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मृतक
 1- यास्मीन बेगम (46) पत्नी नेक मोहम्मद ग्राम - क्यारला नेरवा (हिमाचल)
2-  रिचा (30) पत्नी वीरेंद्र ग्राम- विजमल, नेरवा 
3- धन बहादुर,  ग्राम क्यारला नेरवा 
 

बस गिरते ही हर तरफ चीख-पुकार, कंधों पर सड़क तक पहुंचाए घायल
बस जैसे ही सामने से आ रहे ट्रक को पास देने लगी, नीचे की ओर बना कच्चा डंगा अचानक धंस गया। पल भर में बस अनियंत्रित हुई और देखते ही देखते गहरी खाई में जा गिरी। खाई में गिरते ही हर तरफ चीख-पुकार गूंज उठी। किसी को समझ ही नहीं आया कि हुआ क्या है। धूल, अफरातफरी और दर्द से भरी आवाजें चारों ओर फैल गईं। गुम्मा से पांवटा साहिब जा रही 13 वर्षीय प्रगति जोशी भी उसी बस में सवार थी। वह बताती हैं कि कुछ सेकंड तक किसी को होश नहीं रहा। जब संभले तो खाई में चारों तरफ घायल पड़े थे। तभी उसकी नजर पास ही पानी में पड़े एक महिला के शव पर गई।

घायल मदद के लिए चिल्ला रहे थे लेकिन सड़क से खाई तक उतरना आसान नहीं था। काफी देर बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। रस्सी नहीं थी। ऐसे में लोग घायलों को कंधों पर उठाकर, एक-एक कर खाई से ऊपर सड़क तक लाते रहे।

हर तरफ दर्द से कराहते लोग थे। किसी के सिर से खून बह रहा था, कोई उठने की हालत में नहीं था। घायलों को सड़क किनारे लिटाकर इलाज का इंतजार किया जाता रहा। मदद पहुंचने में वक्त लगा, लेकिन स्थानीय लोग पूरी ताकत से बचाव में जुटे रहे। इस हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। तीन घायल सिविल अस्पताल पांवटा साहिब पहुंचाए गए। इनमें प्रगति जोशी (13), निशा शर्मा (32) और सुमित (19) शामिल हैं। प्रगति बताती हैं कि वह खुद भी बस के साथ खाई में जा पहुंची थी, लेकिन किस्मत से उसे ज्यादा चोटें नहीं आईं। अधिकतर घायलों को बाद में उत्तराखंड के अलग-अलग अस्पतालों में भेजा गया। कवाणू के पास उस सुबह का मंजर जिसने देखा, वह इसे जिंदगी भर नहीं भूल पाएगा। पहाड़ की उस खामोश सड़क पर कुछ ही पलों में मातम पसरा हुआ था।

तीन घायलों को सिविल अस्पताल पांवटा साहिब उपचार को पहुंचाया है। सभी तीनों की हालत खतरे से बाहर है। -डॉ. सुधी गुप्ता, सिविल अस्पताल प्रभारी
 
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