{"_id":"615f1d408ebc3e62474621f5","slug":"hrtc-employees-will-go-on-strike-on-17th-and-18th-if-the-govt-does-not-hold-talks","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार ने वार्ता नहीं की तो 17 और 18 को हड़ताल करेंगे एचआरटीसी कर्मी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार ने वार्ता नहीं की तो 17 और 18 को हड़ताल करेंगे एचआरटीसी कर्मी
Thu, 07 Oct 2021 09:46 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, हमीरपुर
अमर उजाला नेटवर्क, हमीरपुर
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 07 Oct 2021 09:46 PM IST
सार
एचआरटीसी कार्यशाला हमीरपुर के पास समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष मान सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। इसमें एचआरटीसी के नौ कर्मचारी संघों के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। निर्णय लिया गया कि एचआरटीसी कर्मचारी 11 से 17 अक्तूबर तक हर डिपो में रोजाना गेट मीटिंग करेंगे।
विज्ञापन
हमीरपुर में प्रदर्शन करते एचआरटीसी कर्मी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल पथ परिवहन निगम(एचआरटीसी) कर्मचारियों की संयुक्त समन्वय समिति (जेसीसी) की बैठक गुरुवार को एचआरटीसी कार्यशाला हमीरपुर के पास समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष मान सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। इसमें एचआरटीसी के नौ कर्मचारी संघों के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। निर्णय लिया गया कि एचआरटीसी कर्मचारी 11 से 17 अक्तूबर तक हर डिपो में रोजाना गेट मीटिंग करेंगे। अगर सरकार जेसीसी के साथ वार्ता नहीं करती है तो 17 अक्तूबर रात 12 बजे से 18 अक्तूबर रात 12 बजे तक सभी कर्मचारी काम छोड़ो आंदोलन करेंगे। हड़ताल के दौरान सभी सेवाएं बंद रहेंगी। जेसीसी पदाधिकारियों ने कहा कि अगर सरकार 17 अक्तूबर से पहले वार्ता करती है तो आंदोलन को टाला जाएगा।
विज्ञापन
कहा कि अक्तूबर की सात तारीख होने के बाद भी सितंबर का वेतन नहीं मिला है। कर्मचारियों की मांगों में वेतन, पेंशन व भत्तों का समय पर भुगतान करना, तीन वर्षों के रात्रि भत्ते व ओवरटाइम का तुरंत भुगतान, नौ फीसदी महंगाई भत्ता और 13 फीसदी अंतरिम राहम देय तिथि से देना, वेतन, चिकित्सा भत्ता और पेंशन की बकाया राशि, पीसमील कर्मचारियों को अनुबंध पर लाने, भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों पर कार्रवाई करने, पदोन्नतियां पद खाली होते ही देना, पुराना बस अड्डा में निजी बसों का प्रवेश वर्जित, निजी बसों को नियमों के खिलाफ दिए परमिट रद्द करना, सरकारी व निजी बसों की संयुक्त समयसारिणी जारी करना, कार्यशालाओं की स्थिति सुधारना, स्टाफ की कमी पूरा करना शामिल है।
विज्ञापन