एचआरटीसी बस से जबरन उतारे गए बुजुर्ग दंपत्ति, बदसलूकी भी की
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एचआरटीसी के कुछ ड्राइवर और कंडक्टर निगम के ध्येय वाक्य ‘सजग साधना, सविनय सेवा’ का जमकर मजाक उड़ा रहे हैं। बसों के दरवाजों पर अतिथि देवो भव: के स्टीकर लगाकर नियम, कायदे, कानून को ताक पर रख कर एचआरटीसी बसों में सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी में डाला जा रहा है।
दबंगई की हद इतनी की वरिष्ठ नागरिकों तक का लिहाज नहीं किया जा रहा। शनिवार को दोपहर बाद करीब दो बजकर 55 मिनट पर चंडीगढ़ से शिमला रवाना हुई एचआरटीसी के शिमला ग्रामीण डिपो (3) की बस से यात्रियों को आईएसबीटी के स्थान पर टुटीकंडी क्रासिंग पर ही उतार दिया गया।
इसी बस में चंडीगढ़ से शिमला आ रहे बुजुर्ग दंपति ने जब ऐतराज जताया और बस को पूरे रूट पर आईएसबीटी तक ले जाने के लिए कहा तो बस चालक दुर्व्यवहार करने पर उतारू हो गया। बस करीब 6 बजकर 45 मिनट पर टूटीकंडी क्रासिंग पर पहुंची थी।
कंट्रोल रूम में की शिकायत मगर नहीं मानें ड्राईवर कंडक्टर
इसके बाद बुजुर्ग दंपति ने एचआरटीसी के कंट्रोल रूम में बस को पूरे रूट पर न ले जाने की शिकायत की। कंट्रोल रूम इंचार्ज ने बस के कंडक्टर से बात कर बस आईएसबीटी लाने को कहा लेकिन ड्राइवर, कंडक्टर इसके लिए तैयार नहीं हुए।
बस को विक्ट्री टनल की ओर ले गए। एचआरटीसी के ड्राइवर, कंडक्टर की मनमर्जी से बुजुर्ग दंपति को टैक्सी लेकर आईएसबीटी पहुंचना पड़ा।
चंडीगढ़ से शिमला आ रही एचआरटीसी बस से यात्रियों को जबरन आधे रास्ते में उतारने की घटना की शिकायत परिवहन विभाग और एचआरटीसी के शिकायत नंबर 94180-00529 पर पीड़ितों द्वारा सोमवार को दर्ज करवाई है।
बावजूद इसके देर शाम तक शिकायत सेवा कंट्रोल रूम अथवा एचआरटीसी के अधिकारियों द्वारा पीड़ितों से संपर्क करने का प्रयास नहीं किया।
बस को पूरे रूट पर न ले जाना और यात्रियों को आधे रास्ते में उतारना गंभीर विषय है। मामले की जांच के बाद संबंधित चालक-परिचालक को चार्जशीट किया जाएगा।