एचआरटीसी बस हादसा, अब तक 12 की मौत
- धर्मशाला से रिकांगपिओ जा रही थी एचआरटीसी की बस
- 100 फीट गहरी खाई में गिरने से बस के परखच्चे उड़े
- बचाव कार्य में बाधा बना अंधेरा, चीख-पुकार से गूंजा इलाका
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धर्मशाला से रिकांगपिओ के लिए निकली हिमाचल पथ परिवहन निगम की 42 सीटर बस (एचपी25-5551) जोगिंद्रनगर के समीप गलू में अनियंत्रित होकर 100 फीट गहरी खाई में जा गिरी। चार पलटे खाकर बस के परखच्चे तक उड़ गए। हादसे में अब तक 12 यात्रियों की मौत हो चुकी है।
घायलों की संख्या 43 है। मरने वालों में छह साल की बच्ची और बस ड्राइवर कृष्ण चंद भी शामिल है। गंभीर रूप से घायल 19 यात्रियों का टांडा मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है। 20 घायल जोगिंद्रनगर सिविल अस्पताल में दाखिल हैं। चार घायलों का पधर अस्पताल में उपचार चल रहा है।
रविवार सुबह मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह घायलों का हाल पूछने टांडा मेडिकल कॉलेज पहुंचे। सीएम ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि घायलों और मृतकों के परिजनों की सरकार की ओर से हर संभव मदद की जाएगी।
42 सीटर बस में सवार थे 55 से अधिक लोग
42 सीटर बस में 55 से अधिक लोग सवार थे। घायलों और मृतकों में अधिकतर जिला मंडी के हैं। घटना स्थल पर अंधेरा होने के कारण बचाव कार्य में भी देरी हो गई जिससे कई यात्रियों को वक्त पर इलाज नहीं मिल पाया। हालांकि, हादसे के बाद चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोगों के हाथ जो लगा, उसे उठाकर घायलों को सड़क तक पहुंचाने के लिए जुट गए।
लोगों ने डंडों, रस्सी और चादरों के सहारे घायल यात्रियों को सड़क तक पहुंचाने की भरसक कोशिश की। एंबुलेंस पहुंचने तक निजी गाड़ियों से भी घायलों को जोगिंद्रनगर अस्पताल पहुंचाया गया। सूचना मिलने के बाद लडभड़ोल, पधर और मंडी से 108 एंबुलेंसों को घटनास्थल पर भेज दिया गया था।
खुद डीसी संदीप कदम, एसपी प्रेम कुमार ठाकुर, एडीएम विवेक चंदेल, एसडीएम जोगिंद्रनगर राहुल चौहान भी मौके पर पहुंचे। डीसी कदम ने घायलों को हर संभव चिकित्सा सुविधा मुहैया करने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक मंडी प्रेम कुमार ठाकुर ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि 12 यात्रियों की मौत हो चुकी है जबकि 43 लोग घायल हैं।