HRTC: एचआरटीसी की सुपर लग्जरी बसों का किराया घटेगा, अब ऑनलाइन बनेंगे रियायती पास, जानें बीओडी के 10 बड़े फैसले
एचआरटीसी और बस अड्डा प्रबंधन प्राधिकरण के कुशल संचालन के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसके अतिरिक्त, निगम के संचालन के लिए चार नव विकसित आईटी सॉफ्टवेयर प्रणालियों का भी शुभारंभ किया गया।
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हिमाचल पथ परिवहन निगम(एचआरटीसी) और बस अड्डा प्रबंधन प्राधिकरण के निदेशक मंडल की बैठक मंगलगवार को उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में एचआरटीसी और बस अड्डा प्रबंधन प्राधिकरण के कुशल संचालन के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसके अतिरिक्त, निगम के संचालन के लिए चार नव विकसित आईटी सॉफ्टवेयर प्रणालियों का भी शुभारंभ किया गया। निजी क्षेत्र से मिल रही प्रतिस्पर्धा को ध्यान में रखते हुए सपर लग्जरी बसों के हिमाचल क्षेत्र के किराये में 15 फीसदी की कटौती का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त, हिम बस प्लस कार्ड से यात्रा करने पर 5 फीसदी अतिरिक्त छूट मिलेगी, जिससे कुल 20 फीसदी छूट का लाभ यात्रियों को मिलेगा। इसके साथ लॉयल्टी कैशबैक योजना भी लागू होगी।
अब ऑनलाइन बनेंगे रियायती यात्रा पास, शुल्क भी ऑनलाइन होगा जमा
बीओडी बैठक में फैसला लिया गया है कि अब तक स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को रियायती यात्रा पास मैन्युअल जारी किए जाते थे। अब एचआरटीसी की ओर से एक ऑनलाइन प्रणाली विकसित की गई है, जिसके माध्यम से स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी, प्रदेश सरकार के कर्मचारी तथा व्यापारी वर्ग ऑनलाइन पास के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे इन सभी श्रेणियों को अधिक सुविधा प्राप्त होगी और पास बनाने के लिए देय राशि भी ऑनलाइन जमा कराई जा सकेगी। कागज आधारित पास के स्थान पर अब आरएफआईडी आधारित कार्ड जारी किए जाएंगे।
निरीक्षण कार्यक्रम के लिए ऑनलाइन प्रणाली
अब तक निगम में बसों की निरीक्षण अनसुची मैन्युअल रूप से बनाई जाती थी, जिससे निरीक्षण में देरी, औचक निरीक्षण की संभावना में कमी और स्टाफ की निगरानी में कमी आती थी। अब निगम की ओर से एक ऑनलाइन प्रणाली विकसित की गई है, जिसके माध्यम से निरीक्षण अनसुची जारी की जाएगी। इस प्रणाली से यह भी देखा जा सकेगा कि कितनी बसों का निरीक्षण हुआ और प्रत्येक निरीक्षक का प्रदर्शन क्या रहा। साथ ही यह अनसुची मोबाइल एसएमएस के माध्यम से पेपरलेस तरीके से भी भेजी जा सकेगी।
बसों की होगी रियल टाइम ट्रैकिंग, कर्मियों का टाडा होगा ऑनलाइन
एचआरटीसी और डिजिटल टेक्नोलॉजी और गवर्नेंस विभाग की ओर से बसों के जीपीएस को-ऑर्डिनर्डिेट्स के माध्यम से वास्तविक समय में निगरानी के लिए एक नया मॉड्यल विकसित किया गया है। फिलहाल यह प्रणाली शिमला शहर की 82 बसों में लागू की गई है और इसे चरणबद्ध रूप से सभी बसों में लागू किया जाएगा। एचआरटीसी और गवर्नेंस विभाग की ओर से एचआरटीसी हिम एक्सेस नामक एक सॉफ्टवेयर विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से निगम के कर्मचारी अपनी व्यक्तिगत जानकारी, वेतन के विभिन्न घटकों आदि को देख और जांच सकेंगे। अब तक निगम के 9,000 से अधिक कर्मचारी इस प्रणाली से जुड़ चके हैं।
सभी बस अड्डों पर सीसीटीवी कैमरे
बस स्टैंड प्रबंधन प्राधिकरण आवश्यकतानुसार सभी बस स्टैंडों की मरम्मत और रखरखाव करवाएगा और इस उद्देश्य के लिए 7 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। जन सुरक्षा बढ़ाने के लिए सभी बस अड्डों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के भी निर्देश दिए गए। कुछ स्थानों पर बस अड्डों की मरम्मत आवश्यक होने के कारण, बस अड्डा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से आवश्यकतानुसार मरम्मत और रखरखाव का कार्य किया जाएगा। इसके लिए सात करोड़ की राशि व्यय की जाएगी। सभी बस अड्डों में सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीसीटीवी कैमरों की स्थापना के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। यह राशि भी प्रदेश बस अड्डा प्रबंधन एवं विकास प्राधिकरण की ओर से व्यय की जाएगी। मंडी भराड़ी (बिलासपुर) में एक आधनिुक बस अड्डे की स्थापना के लिए निर्देश जारी किए गए ताकि विभिन्न दिशाओं से आने वाले यात्रियों को अत्याधनिुक सविुधाएं प्रदान की जा सकें।
हिम बस प्लस नामक एक नई योजना होगी
हिम बस प्लस नामक एक नई योजना शरू की जाएगी, जिसमें पहचान प्रबंधन और नकद रहित भगतान दोनों को एकीकृत किया जाएगा। इन कार्ड धारकों को एचआरटीसी की किसी भी रूट/बस (वोल्वो सहित) में यात्रा करने पर पांच फीसदी किराया छूट दी जाएगी। साथ ही, इस कार्ड से यात्रा करने वालों को हर माह के अतं में उनके यात्रा आधार पर लॉयल्टी कैशबैक भी दिया जाएगा। गैर परिचालन राजस्व बढ़ाने के लिए टिकटों, वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर विज्ञापन नीति लागू करने को मंजरी दी गई।
यात्रियों की सुविधा और खाद्य स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए एचआरटीसी मार्गों पर ढाबा/रेस्तरां की सचीबद्धता एवं आवंटन के लिए एक समग्र ढाबा नीति लागू करने के निर्देश दिए गए। गैर परिचालन आय बढ़ाने के लिए निगम के अपने पेट्रोल पंपों से आम जनता के लिए ईंधन बिक्री के लिए 2-3 स्थानों पर रिटेल फ्यलू आउटलेट पायलट आधार पर शरू करने की मंजरी दी गई। पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने और परिचालन राजस्व बढ़ाने के लिए शिमला और उसके आस-पास के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के लिए टूरिस्ट डे सर्किट शरू करने की मंजरी दी गई।
एचआरटीसी कर्मचारियों की वर्दी रंग अब खाकी होगा
निगम को यह निर्देश दिए गए कि वह पीपीपी मोड पर ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन स्थापित करे ताकि निगम की बसों की बेहतर जांच के साथ अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त किया जा सके। एचआरटीसी कर्मचारियों की यूनियनों की मांग पर कर्मचारियों की वर्दी का रंग ग्रे से बदलकर खाकी करने की मंजरी दी गई। चूंकि पिछले डढ़े वर्ष से निविदा प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है, इसलिए निदेशक मंडल ने एक वर्दी के बदले नकद राशि देने का निर्णय लिया है और साथ ही एक महीने के भीतर लंबित निविदा प्रक्रिया को पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में ये रहे माैजूद
राज्य में इलेक्ट्रिक बसों के आगमन से पूर्व आवश्यक बुनियादी ढांचे की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए बस अड्डों एवं कार्यशालाओं में ई-चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना की प्रक्रिया को शीघ्रता से पर्णू करने के निर्देश दिए गए। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (परिवहन) आरडी नजीम, उपाध्यक्ष एचआरटीसी अजय वर्मा, निदेशक परिवहन डीसी नेगी, विशेष सचिव (वित्त) विजयवर्धन, विशेष सचिव (पर्यटन) विजय कुमार, संयुक्त सचिव (पीडब्ल्यूडी) सुरजीत राठौर, प्रबंध निदेशक एचआरटीसी डॉ. निपुण जिंदल, बोर्ड के सभी गैर सरकारी सदस्य और एचआरटीसी एवं बीएसएमडीए के अधिकारी उपस्थित थे।