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Shimla News: एचपीवी टीकाकरण की भ्रांतियां होंगी दूर
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टीम स्कूलों में किशोरियों को करेंगी जागरूक
अभिभावकों के साथ भी की जाएगी बातचीत, चिकित्सक होंगे शामिल
सोमवार से 39 कोल्ड चेन प्वाइंट पर रोजाना किया जाएगा टीकाकरण
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिलेभर में ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण को लेकर किशोरियों और अभिभावकों में फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पहल तेज कर दी है। इसके तहत विभाग की टीमें स्कूलों में जाकर जागरूकता अभियान चलाएंगी और अभिभावकों से भी सीधे संवाद करेंगी।
जिला स्वास्थ्य विभाग ने टीकाकरण का आंकड़ा बढ़ाने के उद्देश्य से ये कदम उठाया है। टीम में खंड चिकित्सा अधिकारी समेत चिकित्सकों को शामिल किया गया है, जो किशोरियों को टीके के महत्व और उससे जुड़ी गलतफहमियों के बारे में जानकारी देंगे।
विभाग की ओर से 39 कोल्ड चेन प्वाइंट पर सोमवार से रोजाना टीकाकरण की शुरुआत भी की जा रही है। इससे किशोरियों को आसानी से टीका लग सकेगा। इससे पहले छुट्टी वाले दिनों में होने वाले टीकाकरण में उपस्थिति कम देखी जा रही थी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, टीकाकरण के बाद होने वाले संभावित दुष्प्रभावों को लेकर फैली गलत जानकारी के कारण अभिभावक संकोच कर रहे हैं। ऐसे में स्कूल स्तर पर जागरूकता कैंप आयोजित कर सही जानकारी दी जाएगी, ताकि टीकाकरण के प्रति विश्वास बढ़े।
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गौरतलब है कि 14 से 15 वर्ष की किशोरियों (90 दिन पूरे कर चुकी) को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए यह टीका लगाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक महिलाओं में कैंसर से होने वाली मौत का दूसरा बड़ा कारण सर्वाइकल कैंसर है, जिसके लगभग 99.7 फीसदी मामले उच्च जोखिम वाले एचपीवी संक्रमण से जुड़े होते हैं।
यह टीका निजी स्तर पर 4000 से 5000 रुपये तक में लगाया जाता है, जबकि सरकारी अस्पतालों में इसे मुफ्त उपलब्ध कराया जा रहा है।
एचपीवी वैक्सीन को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें जागरूकता अभियान चलाएंगी। स्कूलों में भी कैंप लगाए जाएंगे और अब रोजाना टीकाकरण शुरू कर दिया गया है।
-डॉ. यशपाल रांटा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, शिमला
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अभिभावकों के साथ भी की जाएगी बातचीत, चिकित्सक होंगे शामिल
सोमवार से 39 कोल्ड चेन प्वाइंट पर रोजाना किया जाएगा टीकाकरण
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिलेभर में ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण को लेकर किशोरियों और अभिभावकों में फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पहल तेज कर दी है। इसके तहत विभाग की टीमें स्कूलों में जाकर जागरूकता अभियान चलाएंगी और अभिभावकों से भी सीधे संवाद करेंगी।
जिला स्वास्थ्य विभाग ने टीकाकरण का आंकड़ा बढ़ाने के उद्देश्य से ये कदम उठाया है। टीम में खंड चिकित्सा अधिकारी समेत चिकित्सकों को शामिल किया गया है, जो किशोरियों को टीके के महत्व और उससे जुड़ी गलतफहमियों के बारे में जानकारी देंगे।
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विभाग की ओर से 39 कोल्ड चेन प्वाइंट पर सोमवार से रोजाना टीकाकरण की शुरुआत भी की जा रही है। इससे किशोरियों को आसानी से टीका लग सकेगा। इससे पहले छुट्टी वाले दिनों में होने वाले टीकाकरण में उपस्थिति कम देखी जा रही थी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, टीकाकरण के बाद होने वाले संभावित दुष्प्रभावों को लेकर फैली गलत जानकारी के कारण अभिभावक संकोच कर रहे हैं। ऐसे में स्कूल स्तर पर जागरूकता कैंप आयोजित कर सही जानकारी दी जाएगी, ताकि टीकाकरण के प्रति विश्वास बढ़े।
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गौरतलब है कि 14 से 15 वर्ष की किशोरियों (90 दिन पूरे कर चुकी) को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए यह टीका लगाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक महिलाओं में कैंसर से होने वाली मौत का दूसरा बड़ा कारण सर्वाइकल कैंसर है, जिसके लगभग 99.7 फीसदी मामले उच्च जोखिम वाले एचपीवी संक्रमण से जुड़े होते हैं।
यह टीका निजी स्तर पर 4000 से 5000 रुपये तक में लगाया जाता है, जबकि सरकारी अस्पतालों में इसे मुफ्त उपलब्ध कराया जा रहा है।
एचपीवी वैक्सीन को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें जागरूकता अभियान चलाएंगी। स्कूलों में भी कैंप लगाए जाएंगे और अब रोजाना टीकाकरण शुरू कर दिया गया है।
-डॉ. यशपाल रांटा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, शिमला