HPU Shimla: साइबर अटैक के 18 घंटे बाद एचपीयू की वेबसाइट हुई शुरू, दिखने लगी उपयोगी जानकारी
प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) की वेबसाइट पर साइबर अटैक का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। करीब 18 घंटों बाद एचपीयू की वेबसाइट ने काम करना शुरू कर दिया है।
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला की वेबसाइट पर हुए साइबर अटैक के करीब 18 घंटे बाद मंगलवार को वेबसाइट ने नियमित रूप से कार्य करना शुरू कर दिया है।
वेबसाइट का एड्रेस डालने पर वेबसाइट का मुख्य पेज और इसमें दिए सभी ऑप्शन (विकल्प) अब सामान्य रूप से खुलना शुरू हो गए हैं। इसके साथ ही इन दिनों चल रही स्नातकोत्तर डिग्री कोर्स की काउंसलिंग और प्रवेश प्रक्रिया के लिए आम छात्र-छात्राओं को वेबसाइट पर अपडेट उपलब्ध करवाने का कार्य नियमित रूप से शुरू हो चुका है। इससे छात्र-छात्राओं को अब घर बैठे काउंसलिंग और प्रवेश से संबंधित जानकारी वेबसाइट से मिलना शुरू हो गई है।
भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष के बाद बढ़े साइबर अटैक
साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम के बाद साइबर स्पेस में खतरे की आशंका बढ़ी है। इसको देखते हुए विगत दिनों ( एनआईसी) नेशनल इंफारमेटिक्स सेंटर ने सभी मंत्रालयों और सरकारी विभागों को साइबर स्पेस में खतरे की बढ़ती आशंका को देखते हुए चेतावनी जारी की थी। साथ ही सरकारी संचार को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी कदम उठाने के लिए भी कहा था। इससे पहले अप्रैल में भी सरकारी वेबसाइटों, एप्लिकेशन और आईसीटी इंफ्रास्ट्रक्चर को सुरक्षित रखने के लिए एक आपातकालीन सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया था। विशेषज्ञों के अनुसार ज्यादातर साइबर हमलों का मकसद वेबसाइट को बिगाड़ना, डाटा की चोरी करना और नकली ट्रैफिक से वेबसाइट को बंद करना होता है।विश्वविद्यालय प्रशासन ने वेबसाइट के साथ साइबर शातिरों के छेड़छाड़ के इस प्रयास के बाद वेबसाइट को भविष्य में इस तरह के अटैक से सुरक्षित करने के लिए और कदम उठाने का निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव ज्ञान सागर नेगी ने वेबसाइट संचालित करने करने वाले संबंधित विशेषज्ञों और अधिकारियों के साथ इसको लेकर चर्चा की और निर्णय लिया कि वेबसाइट की सुरक्षा को अपडेट किया जाएगा।
कुलसचिव ने कहा कि वेबसाइट को और सुरक्षित किया जाएगा जिससे साइबर अटैक तथा इस तरह की छेड़खानी न हो। कुलसचिव ने कहा कि जैसे ही साइट के साथ छेड़खानी और साइबर अटैक की सूचना मिली थी वेबसाइट को बंद कर दिया था। प्रशासन ने कहा कि इस साइबर छेड़छाड़ से विश्वविद्यालय की वेबसाइट को कोई नुकसान नहीं हुआ है। मंगलवार सुबह दस बजे वेबसाइट पर पुरानी अधिसूचनाएं और प्रवेश परीक्षाओं के 28 जून तक अपलोड की गई सूचनाएं ही उपलब्ध हो रही थीं दोपहर तक वेबसाइट पर आठ जुलाई की सूचनाएं भी अपलोड हो चुकी थीं जिसे छात्र देख सकते थे।
साइबर हमलों से बचने के लिए बरतें सावधानियां
-समय-समय पर पासवर्ड बदलें
-मजबूत और अलग-अलग पासवर्ड का इस्तेमाल करें
-संदिग्ध या स्पेम ईमेल से सावधान रहें
-नेटवर्क से बिना पहचान वाले लेन नेटवर्क डिवाइस को हटाएं
-सभी कंप्यूटर और डिवाइस के ऑपरेटिंग सिस्टम को लेटेस्ट वर्जन में अपडेट करें
-सरकारी कर्मचारी ई-ऑफिस की सुरक्षा के लिए वीपीएन एक्सेस प्रोटोकॉल का पालन करें।
- फोन/कंप्यूटर पर क्रेडेंशियल स्टोर न करें और थर्ड पार्टी मैसेजिंग एप और ईमेल से संवेदनशील जानकारी शेयर न करें।