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HPU Shimla: पीएचडी की प्रवेश परीक्षा के साथ अब इंटरव्यू भी, एचपीयू इस सत्र से लागू करेगा नियम

Sun, 10 Mar 2024 05:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sun, 10 Mar 2024 05:00 AM IST
सार

प्रदेश विश्वविद्यालय में दिसंबर में पीएचडी की प्रवेश प्रक्रिया मार्च में शुरू करेगा। एचपीयू इस बार यूजीसी के नियमों के अनुरूप 12 अंक का रिसर्च एप्टीट्यूड टेस्ट लगेगा। 

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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में दिसंबर में पीएचडी की प्रवेश प्रक्रिया मार्च में शुरू करेगा। एचपीयू इस बार यूजीसी के नियमों के अनुरूप 12 अंक का रिसर्च एप्टीट्यूड टेस्ट लगेगा। इसमें अभ्यर्थियों को प्रवेश परीक्षा के बाद साक्षात्कार की प्रक्रिया से गुजरना होगा। इसमें अभ्यर्थी को शोध के विषय पर प्रेजेंटेशन देनी होगी।

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इस रिसर्च एप्टीट्यूट टेस्ट के अभ्यर्थी को 12 अंक मिलेंगे। पहली बार एचपीयू इस व्यवस्था को इसी सत्र से लागू करने की तैयारी कर चुका है। विवि जल्द ही 25 विभागों में पीएचडी की सीटों को विज्ञापित कर प्रवेश प्रक्रिया को शुरू करने जा रहा है। यह व्यवस्था पहले लागू करने का 2015-16 में प्रयास किया। उस वक्त सवाल उठने के बाद प्रवेश परीक्षा के प्राप्तांक के आधार पर ही मेरिट तैयार कर अब तक प्रवेश दिया जाता रहा है।
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पीएचडी में प्रवेश परीक्षा के आधार पर प्रवेश की प्रक्रिया में छात्रों की 80 अंक की प्रवेश परीक्षा होगी। इसमें प्राप्तांक के आधार पर अधिकतम 10 फीसदी जेआरएफ /नेट का वेटेज मिलेगा, जो प्राप्तांक का दस फीसदी तक रहेगा। यानी आठ अंक रहेंगे, वहीं एमफिल/सेट के अधिकतम चार अंक मिलेंगे। इन दोनों में से अधिकतम आठ अंक ही दिए जाएंगे। शेष बचे 12 अंक का रिसर्च एप्टीट्यूड टेस्ट रहेगा। इसमें छात्र को अधिकतम 12 अंक मिल सकेंगे।

यूजीसी के इस नियम को लागू करते हुए रिसर्च एप्टीट्यूड टेस्ट में किसी तरह का पक्षपात न हो, कोई सवाल न उठे, इसके लिए हर विभाग में पीएचडी में प्रवेश की प्रक्रिया के तहत रिसर्च एप्टीट्यूड टेस्ट इंटरव्यू के लिए विभागाध्यक्ष की अध्यक्षता में कमेटी बनेगी। इसमें विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर शामिल होंगे। जहां वरिष्ठ प्रोफेसर नहीं होंगे, वहां डीन कमेटी का सदस्य होगा। इससे कमेटी की जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

यूजीसी के नियम पर होगा रिसर्च एप्टीट्यूड टेस्ट
जल्द पीएचडी के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके लिए हर विभाग से उपलब्ध सीटों का ब्योरा आ चुका है। इसे विज्ञापित कर आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। इस बार पीएचडी की प्रवेश प्रक्रिया में रिसर्च एप्टीट्यूड टेस्ट (इंटरव्यू ) होगा।- प्रो. बीके शिवराम, अधिष्ठाता अध्ययन, एचपीयू
 

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साल में दो बार मिलता है पीएचडी में प्रवेश
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में एक सत्र में दो बार पीएचडी की खाली सीटों पर प्रवेश दिया जाता है। जुलाई में जेआरएफ और राष्ट्रीय स्तर की फेलोशिप की परीक्षा उत्तीर्ण करने वालों को सीधे प्रवेश दिया जाता है, जबकि दिसंबर में प्रवेश परीक्षा के आधार पर प्रवेश दिया जाता है। कोरोना के कारण गड़बड़ाई प्रवेश की प्रक्रिया के चलते दिसंबर की प्रवेश परीक्षा को इस बार मार्च में आयोजित किया जा रहा है।

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