पहाड़ी टोपी और खादी जैकेट में डिग्री लेंगे एचपीयू के मेधावी, ईसी ने दी मंजूरी
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वर्ष 1971 में अस्तित्व में आए एचपीयू के 48 साल के इतिहास में पहली बार दीक्षांत समारोह का ड्रेस कोड बदलने को ईसी ने मंजूरी दे दी है। 29 नवंबर को विवि का 25वां दीक्षांत समारोह होगा। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरीयाल निशंक मुख्यातिथि होंगे। समारोह में 322 पीएचडी और 122 गोल्ड मेडलिस्ट के साथ एक डि-लिट डिग्री पाने वाले 445 मेधावी हिमाचली खादी परिधानों में सम्मान लेंगे।
अब हिमाचली टोपी, विवि के लोगो लगे मफलर और खादी जैकेट में डिग्रियां दी जाएंगी। इस परिधान को कार्यकारी परिषद ने दीक्षांत समारोह से अस्थाई परिधान को अपनाने का फैसला लिया है। अगले दीक्षांत समारोह तक परिधान में और बदलाव होंगे। समय के अभाव के चलते इस बार समारोह से टोपी, मफलर, खादी जैकेट में डिग्री देने का निर्णय लिया है।
नॉन सब्सिडाइज्ड सीटों को सब्सिडाज्ड में बदलने को दी मंजूरी
एलएलएम की नॉन सब्सिडाइज्ड सीटों को सब्सिजाइज्ड में बदलने को भी विवि की कार्यकारिणी परिषद की हुई बैठक में स्वीकृति दी गई। डिपार्टमेंट काउंसिल की सिफारिशें स्वीकार कर ली गई हैं। ईसी के फैसले से विवि के विधि विभाग में एलएलएम की डिग्री में सब्सिडाइज्ड श्रेणी में और अधिक छात्र प्रवेश ले सकेंगे। हालांकि, अभी यह स्थिति साफ नहीं की है कि विभाग में कितनी सीटें सब्सिडाइज्ड श्रेणी में बदली जाएंगी।
विवि ने एलएलएम के एक साल के कोर्स में पहले भरी जाने वाली सब्सिडाइज्ड की 16 और नॉन सब्सिडाइज्ड की 5 सीटों में नॉन सब्सिडाइज्ड श्रेणी की सीटें बढ़ाकर 29 कर सीटें 50 करने का फैसला लिया था। इसके लिए शनिवार को करीब सौ अभ्यर्थियों की काउंसलिंग भी हुई। सीटें सब्सिडाइज्ड में बदले जाने पर कुलपति से आदेश के बाद ही काउंसलिंग में अपीयर हुए अभ्यर्थियों की मेरिट सूची तैयार कर जारी की जा सकेगी। ईसी ने परिसर में वाईफाई, भर्ती प्रक्रिया शुरू करने को भी मंजूरी दी है। बैठक में विभिन्न छात्र संगठनों की मांगों को संबंधित विभागों को विचार कर उचित निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं।