HPU: छात्रों को चुकानी होगी चार साल की फीस
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों को एक मुश्त 2010 से बकाया फीस की राशि को अदा करना होगा। नए फीस स्ट्रक्चर में हजारों की रजिस्ट्रेशन फीस के साथ अब पीएचडी कर रहे छात्रों को एक मुश्त यह बकाया ट्यूशन फीस चुकाने को विभागों ने प्रक्रिया शुरू करी दी है और लिखित में आदेश जारी कर दिए है।
शोध शुल्क की प्रति माह कला संकाय को 200 और साइंस विषयों में 250 रुपये एक साथ जमा करवाने को पत्र जारी किये है। फीस जमा करवाने में बरती गई लापरवाही अब छात्रों पर भारी पड़ रही है। छात्रों को 2010 से बकाया आठ से दस हजार रुपये फीस जमा करवानी पड़ रही है। उन्हें नए फीस स्ट्रक्चर के मुताबिक भी फीस चुकानी होगी।
विवि प्रशासन ने विभागाध्यक्षों को शोध टयूशन फीस वसूल करने को कहा गया है। अब तक यह फीस विभाग क्यों वसूल नहीं कर पाए, निश्चित तौर पर विभाग स्तर पर कमी रही है, छात्रों को अब हजारों की बकाया फीस देने को जेब ढीली करनी पड़ रही है।
प्रदेश विश्वविद्यालय के 32 विभागों में से अब तक करीब 25 विभागों में पीएचडी करवाई जा रही है, जिसमें सैकड़ों में छात्र पीएचडी कर रहे है। यदि विभाग इस फीस को वसूल कर लेते है, तो इससे विवि को लाखों रुपये फीस के रूप में मिलेंगे।
हालांकि जिन छात्रों को यह नोटिस जारी हुए है, उन्हें यह फीस जमा करवानी ही होगी। वे इसका विरोध भी कर रहे है, मगर विभागों में ऐसे छात्र भी है जो बराबर 2010 से लेकर यह फीस हर माह जमा करवाते आ रहे है।
2010 में हुई नोटिफिकेशन के मुताबिक ली जा रही फीस
विवि ने जुलाई 2010 को पीएचडी के लिए एनरोल हुए या इसके बाद प्रवेश लेने वाले छात्रों से दो सौ रुपये प्रति माह के हिसाब से शोध शुल्क लेने की अधिसूचना जारी की थी। कुछ विभागों ने इसे समय समय पर छात्रों से ले लिया, मगर बहुत से विभाग है जिनमें छात्रों ने यह फीस नहीं ली। उन्होंने अब यह फीस लेना शुरू कर दिया है।
विभाग अपने स्तर पर लेंगे फीस- प्रो. भल्ला
विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. टीसी भल्ला ने कहा कि सभी विभाग इस बकाया फीस को चुकाने को लेेकर छात्रों को सूचित कर रहे है। कुछ विभागों ने इसे ले भी लिया है। छात्रों को यह फीस देनी ही पड़ेगी।
अब 500 रुपये की गई है टयूशन फी
विश्वविद्यालय के नए लागू किये फीस स्ट्रक्चर में पीएचडी की टयूशन फीस को 200 और 250 प्रतिमाह से बढ़ाकर 500 प्रतिमाह कर दिया गया है। इसके अलावा पीएचडी शोध छात्रों के नए फीस स्ट्रक्चर में पीएचडी रजिस्टेशन 1500 से 3000, मुल्यांकन फीस 10,000 से 15000 किया गया है। सात साल के बाद इसे 20 हजार से बढ़ाकर 25 हजार किया गया है।