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लूटने पर उतरा विश्वविद्यालय, फरमान जारी
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sun, 07 Dec 2014 11:55 PM IST
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प्रदेश विश्वविद्यालय की ओर से फीस में नौ सौ गुणा तक बढ़ोतरी, उसके बाद कॉलेज छात्रों से यूनिवर्सिटी विकास फंड वसूली के फरमान का एसएफआई ने विरोध किया है।
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एसएफआई की विवि की 59 सदस्यीय कार्यकारिणी की बैठक में फीस बढ़ोतरी, परिसर में धारा-144 और कॉलेजों के बाद अब विवि छात्रों से बढ़ी फीसों के अलावा यूनिवर्सिटी विकास फंड के नाम पर 500 रुपये की वसूली का विरोध किया गया।
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इकाई अध्यक्ष राहुल चौहान ने प्रदेश भर के छात्रों से आह्वान किया है कि कोई भी छात्र विकास फंड को अदा न करे। राहुल चौहान और सह सचिव नोवल ठाकुर ने कहा कि 13 दिसंबर को एसएफआई फीस बढ़ोतरी, विवि में फर्जी मार्क्सशीट मामले के साथ छात्र विरोधी फैसलों के विरोध में उपायुक्त कार्यालय में प्रदर्शन करेगी।
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धारा 144 से विरोध नहीं रोक पाएगी विवि
परिसर में धारा-144 लगाकर कुलपति और सरकार यह न समझें कि आंदोलन दबा दिया गया है। एसएफआई आंदोलन को आने वाले समय में और उग्र करेगी। जरूरत पड़ी तो विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
बैठक में प्रस्ताव पारित किया कि विवि प्रशासन के सरकार के इशारे और पुलिस की आड़ में लिए जा रहे छात्र विरोधी फैसलों का विरोध उग्र किया जाएगा।
राज्य अध्यक्ष सुरेश सरवाल ने कहा कि आंदोलन उग्र होने के लिए सरकार और कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी जिम्मेदार होंगे। उन्होंने फर्जी मार्क्सशीट, कुलसचिव पर लगे शोध अधिकारी से बदसलूकी और जातिसूचक शब्द कहने के मामले की जांच पूरी कर रिपोर्ट सामने लाने की मांग की। साथ ही कुलसचिव को पद से हटाने की भी मांग की।
बैठक में प्रस्ताव पारित किया कि विवि प्रशासन के सरकार के इशारे और पुलिस की आड़ में लिए जा रहे छात्र विरोधी फैसलों का विरोध उग्र किया जाएगा।
राज्य अध्यक्ष सुरेश सरवाल ने कहा कि आंदोलन उग्र होने के लिए सरकार और कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी जिम्मेदार होंगे। उन्होंने फर्जी मार्क्सशीट, कुलसचिव पर लगे शोध अधिकारी से बदसलूकी और जातिसूचक शब्द कहने के मामले की जांच पूरी कर रिपोर्ट सामने लाने की मांग की। साथ ही कुलसचिव को पद से हटाने की भी मांग की।