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Shimla News: एचपीयू ने 519 छात्रों को छात्रावास किए आवंटित
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132 छात्रों और 387 छात्राओं को मिले कमरे
छात्रावास वार्डन समिति की बैठक में दी मंजूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला ने नए शैक्षणिक सत्र के लिए छात्रावास का आवंटन कर दिया है। विश्वविद्यालय ने 519 विद्यार्थियों को छात्रावास में कमरे दिए हैं। इनमें 132 छात्र और 387 छात्राएं शामिल हैं।
छात्रावास वार्डन समिति की बैठक में आवंटन की सिफारिश की गई। कुलपति की मंजूरी के बाद इसकी सूची जारी की गई। आवंटन संबंधित विभागों की ओर से तैयार की गई सूची के आधार पर हुआ। लड़कों के लिए श्रीखंड और डॉ. वाईएस परमार छात्रावास सहित अन्य आवासों में कमरे दिए गए हैं। वहीं छात्राओं को चंद्रभागा, गिरिगंगा, रेणुका और रानी लक्ष्मीबाई छात्रावास आवंटित किए हैं। आवंटन में सामान्य, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को शामिल किया है। कुछ विद्यार्थियों को निर्धारित अतिरिक्त आरक्षित सीटों के तहत भी जगह मिली है। जैव प्रौद्योगिकी के कुछ विद्यार्थियों को समझौता ज्ञापन के तहत सीटें दी हैं।
विवि ने स्पष्ट किया है कि दिव्यांग विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र जमा करना होगा। प्रमाणपत्र तीन दिन के भीतर जमा नहीं करने पर आवंटन रद्द होगा। वहीं दोहरी डिग्री में पाए गए विद्यार्थियों को छात्रावास के लिए पात्र नहीं माना गया है। छात्रावास आवंटित विद्यार्थियों को संबंधित वार्डन कार्यालय में रिपोर्ट करने को कहा है।
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विश्वविद्यालय ने छात्रावास मेस सुरक्षा राशि और प्रवेश शुल्क जमा करने की तारीख अभी तय नहीं की है। वर्तमान शैक्षणिक सत्र के छात्रावास शुल्क में संशोधन का मामला उच्च अधिकारियों के पास विचाराधीन है। शुल्क की नई दरें तय होने के बाद भुगतान की तारीख अलग से जारी होगी। विश्वविद्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि सरकारी, अर्धसरकारी या निजी क्षेत्र में नौकरी मिलने पर आवंटन रद्द होगा। विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में दर्ज प्राथमिकी नहीं होने का शपथपत्र भी देना होगा। दूसरी डिग्री या व्यावसायिक पाठ्यक्रम के लिए छात्रावास में नहीं रहने का शपथपत्र भी अनिवार्य होगा।
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छात्रावास वार्डन समिति की बैठक में दी मंजूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला ने नए शैक्षणिक सत्र के लिए छात्रावास का आवंटन कर दिया है। विश्वविद्यालय ने 519 विद्यार्थियों को छात्रावास में कमरे दिए हैं। इनमें 132 छात्र और 387 छात्राएं शामिल हैं।
छात्रावास वार्डन समिति की बैठक में आवंटन की सिफारिश की गई। कुलपति की मंजूरी के बाद इसकी सूची जारी की गई। आवंटन संबंधित विभागों की ओर से तैयार की गई सूची के आधार पर हुआ। लड़कों के लिए श्रीखंड और डॉ. वाईएस परमार छात्रावास सहित अन्य आवासों में कमरे दिए गए हैं। वहीं छात्राओं को चंद्रभागा, गिरिगंगा, रेणुका और रानी लक्ष्मीबाई छात्रावास आवंटित किए हैं। आवंटन में सामान्य, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को शामिल किया है। कुछ विद्यार्थियों को निर्धारित अतिरिक्त आरक्षित सीटों के तहत भी जगह मिली है। जैव प्रौद्योगिकी के कुछ विद्यार्थियों को समझौता ज्ञापन के तहत सीटें दी हैं।
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विवि ने स्पष्ट किया है कि दिव्यांग विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र जमा करना होगा। प्रमाणपत्र तीन दिन के भीतर जमा नहीं करने पर आवंटन रद्द होगा। वहीं दोहरी डिग्री में पाए गए विद्यार्थियों को छात्रावास के लिए पात्र नहीं माना गया है। छात्रावास आवंटित विद्यार्थियों को संबंधित वार्डन कार्यालय में रिपोर्ट करने को कहा है।
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विश्वविद्यालय ने छात्रावास मेस सुरक्षा राशि और प्रवेश शुल्क जमा करने की तारीख अभी तय नहीं की है। वर्तमान शैक्षणिक सत्र के छात्रावास शुल्क में संशोधन का मामला उच्च अधिकारियों के पास विचाराधीन है। शुल्क की नई दरें तय होने के बाद भुगतान की तारीख अलग से जारी होगी। विश्वविद्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि सरकारी, अर्धसरकारी या निजी क्षेत्र में नौकरी मिलने पर आवंटन रद्द होगा। विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में दर्ज प्राथमिकी नहीं होने का शपथपत्र भी देना होगा। दूसरी डिग्री या व्यावसायिक पाठ्यक्रम के लिए छात्रावास में नहीं रहने का शपथपत्र भी अनिवार्य होगा।