पारंपरिक वेशभूषा में विद्यार्थियों ने ग्रहण कीं डिग्रियां, 66 को स्वर्ण पदक
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हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर का पहला दीक्षांत समारोह मंगलवार को धूमधाम से मनाया गया। इसकी अध्यक्षता राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने की। तकनीकी शिक्षा मंत्री बिक्रम ठाकुर मुख्यातिथि थे।
समारोह में छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक वेशभूषा में मेडल और डिग्रियां ग्रहण कीं। छात्रों ने कुर्ता-पायजामा और छात्राओं ने सलवार कमीज और हिमाचली टोपी पहनकर मेडल और डिग्रियां ग्रहण कीं।
राज्यपाल और तकनीकी शिक्षा मंत्री ने विवि के 66 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक, 50 विद्यार्थियों को रजत पदक और 125 को उपाधियां वितरित कीं। प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एसपी बंसल ने राज्यपाल तथा मंच पर उपस्थित अन्य अतिथियों का स्वागत किया।
विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और पहल का विस्तृत ब्योरा दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के अंतर्गत 40 इंजीनियरिंग, फार्मेसी, एमबीए और एमसीए कॉलेज कार्य कर रहे हैं।
इनमें 18000 छात्र गुणात्मक शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। कहा कि पूर्ण ग्रेडिंग प्रणाली और ऑड-इवन सेमेस्टर परीक्षाएं जैसी सुविधाएं विश्वविद्यालय के अंतर्गत दी जा रही हैं।
इस दौरान कृृषि विवि पालमपुर के प्रमुख कुलपति प्रो. अशोक सरैल, डीन प्रो. कुलभूषण चंदेल और प्रो. विनय चौहान, गवर्निंग बॉडी और अकादमी काउंसिलंग की सदस्य, उपायुक्त रिचा वर्मा भी उपस्थित रहे।
विद्या के समान दूसरा कोई धन नहीं : आचार्य
हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने छात्रों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने डिग्रीधारक विद्यार्थियों से अपील की कि वे राष्ट्र की प्रतिबद्धता, करुणा और प्यार से सेवा करें तथा बिना किसी धन के लालच के आम आदमी की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि मेडल और डिग्रीधारकों में 60 फीसदी छात्राएं रहीं।
उन्होंने युवकों को पहलवानों की संज्ञा दी। कहा कि वे भी प्रयास कर रहे हैं, लेकिन बेटियों के मुकाबले उनकी विषमता बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि विद्या के समान दुनिया में कोई धन नहीं है। विद्या ही इकलौती ऐसी चीज है जो बांटने से बढ़ती है, जबकि अन्य सभी चीजें बांटने से कम होती हैं।
उपनिषदों में यह पहले से अंकित है कि दीक्षांत समारोह शिक्षा का एक भाग है, जहां शिक्षा पूर्ण होने के पश्चात अध्यापक छात्रों को समाज की उन्नति के लिए दिशा-निर्देश देते हैं। दीक्षांत समारोह में जो दिशा-निर्देश दिए जाते थे, उनमें छात्रों को ईमानदारी का बर्ताव करने के साथ अपने ज्ञान को जीवन भर लगातार बढ़ाने की बात कही जाती है।
तकनीकी शिक्षा मंत्री बिक्रम ठाकुर ने मेडल और डिग्रियां हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं को बधाई दी। उन्होंने पाकिस्तान में भारतीय वायुसेना की ओर से पुलवामा हमले के खिलाफ की गई कार्रवाई पर मोदी सरकार की सराहना की।