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उपभोक्ताओं को झटका: हिमाचल में बिजली खपत से तय होगी मीटर की सिक्योरिटी राशि
Wed, 28 Apr 2021 10:40 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 28 Apr 2021 10:40 AM IST
सार
सिक्योरिटी राशि और एवरेज बिजली बिल के बीच 500 रुपये का अंतर होने पर सिक्योरिटी राशि नहीं बढ़ेगी। इससे अधिक अंतर मिलने पर राशि बढ़ेगी।
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सांकेतिक तस्वीर
विस्तार
कोरोना संकट के बीच प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को एक और झटका लगने जा रहा है। नए बिजली कनेक्शन की सिक्योरिटी राशि में कुछ कमी करने के साथ-साथ बिजली खपत के हिसाब से मीटर की सिक्योरिटी राशि तय करने का फैसला भी लिया है। पुराने कनेक्शनधारकों की एक साल और नए की छह से नौ माह बाद समीक्षा होगी। उपभोक्ताओं के औसत बिल के आधार पर सिक्योरिटी राशि तय की जाएगी।
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सिक्योरिटी राशि और एवरेज बिजली बिल के बीच 500 रुपये का अंतर होने पर सिक्योरिटी राशि नहीं बढ़ेगी। इससे अधिक अंतर मिलने पर राशि बढ़ेगी। इस नियम से तय होने वाली नई सिक्योरिटी राशि को तीन किस्तों में बिजली बिल में वसूला जाएगा। विद्युत नियामक आयोग ने इसको लेकर जनता से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं। एक माह के बाद इसे अधिसूचित किया जाएगा। अभी जितना उपभोक्ता ने बिजली लोड स्वीकृत करवाया होता है, उसी आधार पर उससे सिक्योरिटी राशि ली जाती है। नई व्यवस्था के तहत खपत के आधार पर सिक्योरिटी राशि तय होगी।
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