सरकार और संगठन में गतिरोध के बीच सीएम के दरबार पहुंचे सुक्खू, पढ़िए क्या कहा
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पिछले एक पखवाड़े से सरकार और संगठन के बीच बढ़ते गतिरोध के बीच हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू बुधवार को एकदम रक्षात्मक मुद्रा में आ गए। बुधवार की सुबह वे खुद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के दरबार में पहुंच गए। उन्होंने वीरभद्र सिंह के सामने सचिवों और कांग्रेस में नियुक्त अन्य पदाधिकारियों की सूची समय पर नहीं दे पाने की गलती मानी। सुक्खू ने मुख्यमंत्री को सचिवों और पदाधिकारियों की सूची भी देने की बात की। उन्होंने सीएम को आश्वस्त किया कि आइंदा ऐसा नहीं होगा।
भविष्य में सीएम को समय पर हर सूचना दी जाएगी। हालांकि इस मुलाकात के बाद मीडिया मुख्यमंत्री का पक्ष जानने के लिए उनका इंतजार करता रहा। लेकिन मुख्यमंत्री मीडिया से नहीं मिले। समझा जा रहा है सत्ता और संगठन का यह गतिरोध इतनी जल्दी शांत होने वाला नहीं। यह बैठक बुधवार सुबह 10:30 से 12:30 बजे के बीच सचिवालय स्थित मुख्यमंत्री के दफ्तर में हुई।
बैठक के बाद पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में पार्टी प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से बयानबाजी हो रही थी। ऐसा संवादहीनता के कारण हुआ। इस मसले को अब मुख्यमंत्री से बैठकर सुलझा दिया गया है। जो राज्य सरकार की नीतियां हैं, उन्हें जनता के दरबार तक पहुंचाने के लिए ही यह बैठक हुई।
जो कुछ आपसी बातें हैं, उन्हें मिल-बैठकर सुलझा दिया गया है। सीएम कुछ दिनों से सचिवों और अन्य पदाधिकारियों की सूची मांग रहे थे। इसे पार्टी महासचिव उपलब्ध करा देंगे। उन्होंने बताया कि उनसे जब सीएम की ओर से सूची मांगी गई तो वे शहर से बाहर थे। उन्होंने कहा अब मैंने इस सूची को व्यक्तिगत तौर पर देना सही समझा। इसलिए मिलने आया हूं।
माना- सीएम को समय पर सूची नहीं दे पाए, आगे से ऐसा नहीं होगा
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का सीएम से शिकवा नहीं है। जो बयानबाजी हो रही है, उसी के माध्यम से सारी बात पता लगी है। हम मिल-जुलकर पार्टी की जीत के लिए कार्य कर रहे हैं। कांग्रेस दोबारा सत्ता में आएगी। सत्ता में दोबारा कैसे आना है, इसकी रणनीति पर भी चर्चा की गई।
आगे जो भी कमियां नजर आएंगी, उन पर हम मिल-जुलकर काम करेंगे। पार्टी ने एक कार्यक्रम चलाया है ‘पंचायत एक, विकास अनेक, मोदी एक झूठ अनेक’। सत्ता और संगठन में तीन साल से कोई खटास नहीं रही। पिछले 10-12 दिनों से ही कुछ खटास थी। इससे कम्युनिकेशन गैप हुआ।
आगे मिल-बैठकर बात करेंगे। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में पूरा विकास हो रहा है। आज जो घोषणाएं पूरे विधानसभा क्षेत्रों में हो रही हैं, जो भी विधायक जो कुछ मांगता है, उसे सीएम दे रहे हैं। सरकार के विकास कार्यों का प्रचार करना संगठन का काम है।
मध्यस्थ बने परिवहन मंत्री बाली
बैठक में वरिष्ठ मंत्री जीएस बाली, कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष हर्ष महाजन, प्रदेश महासचिव रामलाल ठाकुर और राज्य महासचिव कांग्रेस मुख्यालय हरभजन सिंह भज्जी भी विशेष रूप से मौजूद रहे। इस अवसर परिवहन मंत्री जीएस बाली भी लगातार इस इश्यू को खत्म करने की बात करते रहे। वीरभद्र सिंह के खास करीबी हर्ष महाजन, रामलाल ठाकुर सीएम की बातों को अधिक स्पष्ट करते रहे तो हरभजन सिंह भज्जी ने भी संगठन की गतिविधियां साफ कीं।
सुक्खू के पक्ष में आए पीसीसी सचिव नागेश्वर- सरकार और संगठन के बीच चली खींचतान के बीच पीसीसी सचिव नागेश्वर मनकोटिया ने भी मोर्चा खोल दिया है। वे सुखविंद्र सुक्खू के पक्ष में उतर आए हैं। साथ ही उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुख्यमंत्री और मंत्रियों के खिलाफ बयानबाजी बंद करने का आह्वान किया है।
यहां जारी बयान में मनकोटिया ने पीसीसी चीफ सुक्खू की तारीफ की है, वहीं मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह को अप्रत्यक्ष तौर पर भी लपेटा है। उन्होंने यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को व्यक्तिगत सलाह दी कि मूछें बड़ी रखने से व्यक्ति बड़ा नहीं हो जाता है।
इशारा सीधे तौर पर विक्रमादित्य की तरफ था। पीसीसी सचिव मनकोटिया ने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सरीखे दिग्गजों ने ही हिमाचल में मजबूत सरकार को चलाया है। ऐसे में कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर संगठन को मजबूत करने के लिए पार्टी अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू का साथ देना चाहिए। वहीं, उन्होंने एनएसयूआई और युकां कार्यकर्ताओं को भी सलाह दी है कि चाटुकारिता करने के बजाय संगठन की मर्यादा बनाए रखें।