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अकादमी बचाने के लिए कोर्ट पहुंची एचपीसीए
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 06 Sep 2014 08:15 AM IST
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एचपीसीए ने लालपानी स्थित क्रिकेट अकादमी के भवन को टूटने से बचाने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। वीरवार को एचपीसीए की ओर से जिला कचहरी के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में स्टे देने की मांग की गई है।
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संघ ने हाईकोर्ट से क्रिकेट अकादमी के भवन को नहीं तोड़ने की मांग की है। जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष सुरेंद्र ठाकुर ने बताया है कि हाईकोर्ट में अपील दायर की गई है। जनहित में भवन को नहीं तोड़ने की मांग की है।
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नगर निगम आयुक्त अमरजीत सिंह के कोर्ट ने जनवरी माह में एचपीसीए को एक सप्ताह के भीतर अवैध निर्माण हटाने को कहा था। लेकिन इसी बीच एचपीसीए ने जिला सत्र न्यायालय में आयुक्त कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील की थी।
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क्रिकेट संघ का कहना है कि इस मामले की जांच पक्षपात पूर्ण तरीके से हुई है। अकादमी ने ग्रीन बेल्ट एरिया में निर्माण से पहले वन और पर्यावरण मंत्रालय से मंजूरी ली है। इसकी एवज में 7 लाख से अधिक की रकम भी जमा कराई गई।
अगस्त माह में जिला कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए एचपीसीए की अपील को खारिज कर दिया। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश ने आयुक्त कोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए नगर निगम को आगामी कार्रवाई के आदेश दिए हैं। नगर निगम ने सात सितंबर तक एचपीसीए को अवैध निर्माण को तोड़ने का नोटिस दिया है। नगर निगम की जल शाखा ने अकादमी को दिया पानी की कनेक्शन भी काट दिया है।
एचपीसीए पर यह है आरोप
एचपीसीए पर राजधानी के ग्रीन बेल्ट एरिया में बिना अनुमति निर्माण करने का आरोप है। नगर निगम आयुक्त के कोर्ट ने कहा है कि ग्रीन बेल्ट एरिया होने के बावजूद एचपीसीए ने लालपानी में बिना अनुमति के चार मंजिला भवन का निर्माण किया है। नगर निगम से नक्शा नामंजूर होने पर भी निर्माण कार्य जारी रख पेवेलियन, ड्रेसिंग रूम और शौचालय बनाए गए हैं।