एचपीसीए केस में धूमल को अंतरिम जमानत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन को सोसाइटी से कंपनी बनाने को लेकर दर्ज एफआईआर नंबर 12/2013 मामले में मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल को अंतरिम जमानत मिल गई है। उनके अलावा एचपीसीए प्रवक्ता संजय शर्मा और जीएम कर्नल एचएस मन्हास को भी अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट धर्मशाला से बेल मिल गई। इस केस में विजिलेंस की ओर से चार्जशीट दायर होने के कारण कोर्ट ने करीब 18 लोगों को समन जारी किए थे।
अगली सुनवाई 27 अक्तूबर को निर्धारित है। इस एफआईआर में आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी), 406 (आपराधिक विश्वासघात) और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 13(2) लगाई गई है। इन धाराओं के तहत गिरफ्तारी की आशंका रहती है। सूत्रों की मानें तो गिरफ्तारी से बचने के लिए ही अंतरिम जमानत के लिए न्यायालय में याचिका दायर की गई थी।
इन्होंने अभी नहीं मांगी जमानत
इस केस में एचपीसीए अध्यक्ष अनुराग ठाकुर, उनके भाई अरुण धूमल, सुरेंद्र ठाकुर, रणवीर सिंह वर्मा, पुष्पा देवी, हेम सिंह, आरएस कपूर, विशाल मरवाह, आरपी सिंह, प्रेम ठाकुर और भूपेंद्र सिंह आदि को भी समन हुए हैं, लेकिन अभी इन्होंने जमानत नहीं मांगी है।
गौरतलब है कि विजिलेंस के धर्मशाला पुलिस थाने में एचपीसीए के खिलाफ पहली अगस्त, 2013 को सोसाइटी से कंपनी बनाकर धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया था। इस मामले में जांच एजेंसी ने एचपीसीए अध्यक्ष अनुराग ठाकुर को पूछताछ के लिए 24 अक्तूबर 2013 को बुलाया था। 25 अप्रैल 2014 को विजिलेंस ने न्यायालय में 18 लोगों के खिलाफ चालान पेश किया था।