जीरो परीक्षा परिणाम देने वाले स्कूलों के प्रिंसिपलों, शिक्षकों की आई शामत
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हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं में शून्य परिणाम देने वाले 55 स्कूलों के प्रिंसिपल और संबंधित विषयों के शिक्षक बदले जाएंगे। लगातार दो साल से 25 फीसदी से कम परिणाम देने वाले स्कूलों के प्रिंसिपलों और शिक्षकों की इंक्रीमेंट रुकेगी। पहली बार 25 फीसदी से कम रिजल्ट देने वाले प्रिंसिपलों-शिक्षकों को चेतावनी पत्र जारी होंगे।
बोर्ड परीक्षाओं में खराब परिणाम देने वाले स्कूलों के टीचिंग स्टाफ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए शिक्षा विभाग ने समीक्षा शुरू कर दी है। शिक्षा सचिव अरुण शर्मा ने बताया है कि परीक्षा परिणाम की समीक्षा के बाद खराब रिजल्ट देने वाले स्कूल स्टाफ के तबादला और इंक्रीमेंट रोकने संबंधी आदेश जारी किए जाएंगे।
55 स्कूलों में एक भी विद्यार्थी पास नहीं
हिमाचल के 55 सरकारी स्कूलों में बोर्ड परीक्षाओं में एक भी विद्यार्थी पास नहीं हुआ है। इनमें 12वीं के 16 और दसवीं के 39 स्कूल शामिल हैं। बारहवीं में कांगड़ा एवं मंडी से 4-4, बिलासपुर और लाहौल-स्पीति से 3-3, चंबा और सिरमौर से 1-1 स्कूल ऐसे हैं, जहां एक भी विद्यार्थी पास नहीं हुआ है।
दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं में 396 स्कूलों का इस वर्ष परीक्षा परिणाम 25 फीसदी से कम रहा है। इनमें बारहवीं के 91 और दसवीं के 305 स्कूल शामिल हैं। बोर्ड परीक्षाओं में जिन निजी स्कूलों का परीक्षा परिणाम शून्य रहा है, उनके खिलाफ भी शिक्षा विभाग कार्रवाई करने की तैयारी में है।
शिक्षा सचिव ने बताया है कि सरकारी नियमों के तहत निजी स्कूलों पर क्या कार्रवाई की जा सकती है, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।