HP Vidhasabha Election: कांग्रेस के बाद ही टिकटों की घोषणा कर सकती है भाजपा
भाजपा कांग्रेस के बाद ही टिकटों की घोषणा कर सकती है। अभी तक भाजपा ने बहुत से हलकों में चेहरे तय नहीं किए हैं। न ही टिकट आवंटन की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू की है।
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हिमाचल प्रदेश में भाजपा कांग्रेस के बाद ही टिकटों की घोषणा कर सकती है। अभी तक भाजपा ने बहुत से हलकों में चेहरे तय नहीं किए हैं। न ही टिकट आवंटन की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू की है। उधर, कांग्रेस के पास टिकटों के लिए 1347 आवेदन आ चुके हैं। इन पर सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित की जा रही प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में मंत्रणा होगी। राज्य में महज डेढ़-दो महीने के बाद ही शुरू होने जा रहे विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस जल्द ही अपने प्रत्याशियों को तय कर सकती है। प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में विधानसभा क्षेत्रवार कई नामों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। इन्हें स्क्रीनिंग कमेटी को छंटनी के लिए भेजा जाएगा।
उसके बाद कांग्रेस हाईकमान कभी भी टिकटों पर निर्णय ले सकता है। ऐसा माना जा रहा है कि टिकट तय करने के लिए कांग्रेस भाजपा का इंतजार नहीं करेगी कि यह कब अपने प्रत्याशी तय करेगी। कांग्रेस के नाम पहले ही तय हो सकते हैं। भाजपा बारीकी से हर विधानसभा क्षेत्र में अध्ययन कर रही है। इसके लिए खुफिया रिपोर्टें जुटाई जा रही है। फील्ड में हर तरह के चेहरे पर पड़ताल जारी है। जातीय, क्षेत्रीय और अन्य तमाम समीकरणों को देखा जा रहा है। कांग्रेस के संभावित या घोषित प्रत्याशियों को मद्देनजर रखते हुए भी टिकटों की घोषणा की जा सकती है। हालांकि, इसमें अभी समय लग सकता है। यह घोषणा अक्तूूबर महीने तक ही हो सकती है। कांग्रेस के टिकट भी सितंबर या अक्तूबर महीने में ही घोषित हो सकते हैं। राज्य में विधानसभा चुनाव नवंबर महीने में प्रस्तावित हैं।
कांग्रेस के पास टिकट बांटने का काम ही रह गया है। इसके पास जनता को देने के लिए कुछ नहीं है। भाजपा में टिकट देने की एक प्रक्रिया है। केंद्रीय नेतृत्व सही समय आने पर ही टिकट आवंटन करता है।
- सुरेश भारद्वाज, संसदीय कार्य मंत्री एवं पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष