एमबीए बीच में छोड़ने पर भी मिलेगा डिप्लोमा सर्टिफिकेट
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हिमाचल प्रदेश में अब मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (एमबीए) की पढ़ाई बीच में छोड़ने वालों की मेहनत व्यर्थ नहीं जाएगी। एमबीए की पढ़ाई अधूरी छोड़ने वालों को भी बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन कोर्स के सर्टिफिकेट मिलेंगे।
हिमाचल तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर ने यह निर्णय लिया है। दो सेमेस्टर उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों को तकनीकी विवि हमीरपुर पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन देगा।
दो वर्ष की एमबीए डिग्री में कुल चार सेमेस्टर होते हैं। अकसर देखने में आता है कि एमबीए की पढ़ाई के दौरान कई छात्रों को सरकारी या प्राइवेट कंपनियों में नौकरी मिल जाती है। कुछ निजी कारणों से एमबीए की पढ़ाई अधूरी छोड़ देते हैं।
दो सेमेस्टर उत्तीर्ण करने वालों को पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा
इसके चलते उनकी मेहनत बेकार चली जाती है। प्रदेश में सरकारी क्षेत्र में दो और निजी क्षेत्र में आठ एमबीए कॉलेज चल रहे हैं। सभी दस कॉलेज हिमाचल प्रदेश तकनीकी विवि हमीरपुर से संबद्ध हैं। इनमें हर वर्ष सैकड़ों विद्यार्थी एमबीए कर रहे हैं।
हिप्र तकनीकी विवि हमीरपुर वीसी प्रो. आरएल शर्मा ने कहा कि एमबीए के दो सेमेस्टर उत्तीर्ण करने के बाद पढ़ाई छोड़ने वालों को पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन दिया जाएगा।
तकनीकी विवि ने बैठक में इस बारे फैसला ले लिया है। इसी साल से नई पद्धति शुरू करने का विचार किया है। इसका किसी कारणवश एमबीए अधूरी छोड़ने वालों को फायदा पहुंचेगा।