HP Panchayat Election: नई पंचायतों का गठन बाद में, एक सप्ताह में मतदाता सूची का प्रकाशन करे सरकार; जानें
राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों का कहना है कि पंचायत चुनाव करवाने के लिए काफी कम समय रह गया है। ऐसे में अगर सरकार नई पंचायतों का गठन करना चाहती है, यह कार्य मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद भी होता रहेगा। पढ़ें पूरी खबर...
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राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश सरकार को 28 जनवरी तक मतदाता सूचियों का प्रकाशन करने को कहा है। अगर सरकार नई पंचायतों का गठन करना चाहती है, यह कार्य मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद भी होता रहेगा। आयोग को नई पंचायतों बनाने पर कोई एतराज नहीं है। 29 पंचायतों को छोड़कर 3548 पंचायतों की मतदाता सूची तैयार है। इन्हें सिर्फ सार्वजनिक (पब्लिक डोमेन) करना है। मतदाता सूचियां उपायुक्तों के पास हैं। इनमें उपायुक्तों के हस्ताक्षर होने हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची ने बैठक में अधिकारियों को समक्ष यह बातें रखीं।
हाईकोर्ट ने 30 अप्रैल से पहले पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव कराने के आदेश दिए हैं। 28 फरवरी को हाईकोर्ट में चुनाव की तैयारियों को लेकर जवाब देना है। हिमाचल में अब तक तैयार की गई मतदाता सूचियों में वोटरों की संख्या 56 लाख है। 3 करोड़ के करीब बैलेट पेपर की छपाई की जा चुकी है। बैठक में यह भी तय हुआ है कि तमाम प्रक्रिया स्कूलों में परीक्षाएं खत्म होने व विधानसभा सत्र से पहले होनी जरूरी है। इसके बाद स्कूलों में बूथ बनाने की प्रक्रिया शुरू की जानी है। 22000 के करीब बूथ स्थापित किए जाने है। पंचायत चुनाव में स्कूल अध्यापकों की ड्यूटियां लगाई जानी है। करीब 35 हजार कर्मचारी इस चुनाव में लगाए जाने हैं।
-जिला परिषद, पंचायत समिति और प्रधानों का कार्यकाल नहीं बढ़ सकता है। अगर इनका कार्यकाल बढ़ाना है तो कानून में बदलाव करना पड़ेगा। ऐसे में सरकार को इन संस्थाओं में प्रशासक ही लगाने होंगे।
उपायुक्तों के पास रहेंगी जिला परिषद की शक्तियां
जिला परिषद की शक्तियां उपायुक्त, पंचायत समिति की शक्तियां बीडीओ और प्रधानों की शक्तियां पंचायत सचिव या फिर पटवारी और अध्यापकों के पास रहेंगी।
सरकार को बैठक में 28 जनवरी तक मतदाता सूचियों का प्रकाशन करने को कहा गया है। सरकार की ओर से रोस्टर फाइनल हो, इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग अगली कार्रवाई अमल में लाएगा।- अनिल खाची, राज्य निर्वाचन आयुक्त