कैशलेस भुगतान को लेकर मंत्री विक्रम सिंह ने किया ये एलान, उद्योगों में इनको मिलेगा रोजगार
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उद्योग व श्रमिक एवं रोजगार मंत्री विक्रम सिंह ने शिमला में राज्य श्रमिक एवं रोजगार विभाग की बैठक की अध्यक्षता की। निजी क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों के लिए ‘कैशलैस’ लेन-देन और अन्य भुगतान करने के लिए एक तंत्र विकसित किया जाएगा।
इससे श्रमिकों के वेतन मामलों में किसी तरह की कोताही न होगी। उद्योग व श्रमिक एवं रोजगार मंत्री विक्रम सिंह बुधवार को शिमला में राज्य श्रमिक एवं रोजगार विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे।
कहा कि भविष्य में स्थापित होने वाली सभी औद्योगिक, पर्यटन तथा जलविद्युत इकाइयों में सृजित होने वाले रोजगार में से कम से कम 70 प्रतिशत रोजगार हिमाचल के युवाओं को प्रदान किया जाएगा।
विभाग की योजनाओं को भी प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा
मंत्री ने कहा कि भवन तथा अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड सुनिश्चित बनाए कि अधिक से अधिक श्रमिक बोर्ड में पंजीकृत हों। विभाग में श्रमिकों के कल्याण के लिए सभी कार्यों व क्रियाओं को सरल तथा यथार्थवादी बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इससे न केवल विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार होगा बल्कि विभाग की योजनाओं को भी प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग में खाली पड़े सभी क्रियाशील पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा।
अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रमिक एवं रोजगार निशा सिंह ने मंत्री का स्वागत किया। श्रमिक आयुक्त हिमांशु शेखर मिश्रा, प्रदेश भवन व अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ज्योति राणा, हिमाचल कौशल विकास निगम प्रबंधन निदेशक राजेश शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।