फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   HP High Court, Yug murder case Hearing scheduled for December 15

HP High Court: 15 दिसंबर को होगी युग हत्याकांड मामले की सुनवाई

Wed, 16 Nov 2022 06:52 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 16 Nov 2022 06:52 PM IST
सार

युग हत्याकांड मामले की आगामी सुनवाई 15 दिसंबर को निर्धारित की गई है। अभी दोषियों की ओर से बहस पूरी नहीं हुई है। मामले को न्यायाधीश अजय मोहन गोयल और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया था।

विज्ञापन
HP High Court, Yug murder case Hearing scheduled for December 15
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में युग हत्याकांड मामले की आगामी सुनवाई 15 दिसंबर को निर्धारित की गई है। अभी दोषियों की ओर से बहस पूरी नहीं हुई है। मामले को न्यायाधीश अजय मोहन गोयल और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया था। फिरौती के लिए बच्चे की हत्या करने वाले दोषियों को सत्र न्यायाधीश शिमला ने फांसी की सजा सुनाई है। नियमानुसार इस निर्णय का पुष्टिकरण करने के लिए निचली अदालत ने हाईकोर्ट को मामला भेजा है। युग हत्या के तीनों दोषियों ने भी अपील के माध्यम से सत्र न्यायाधीश के फैसले को चुनौती दी है।

विज्ञापन


फिरौती के लिए चार साल के मासूम युग के अपहरण और निर्मम हत्या के लिए चंद्र शर्मा, तेजिंद्र पाल और विक्रांत बख्शी  को दोषी ठहराया है। सत्र न्यायाधीश शिमला की अदालत सभी को फांसी की सजा सुनाई है। 6 सितंबर 2018 को  सजा सुनाते हुए न्यायाधीश विरेंदर सिंह की अदालत ने इस अपराध को दुर्लभ से दुर्लभ श्रेणी के दायरे में पाया था। तीनों दोषियों ने 14 जून 2014 को शिमला के रामबाजार से फिरौती के लिए युग का अपहरण किया था। पुलिस ने अपहरण के दो साल बाद अगस्त 2016 में भराड़ी पेयजल टैंक से युग का कंकाल बरामद किया था। दोषियों ने मासूम के शरीर में पत्थर बांध कर उसे जिंदा पानी से भरे टैंक में फेंक दिया था।
विज्ञापन


अवैध खनन से जुड़े मामलों पर सुनवाई 23 नवंबर को 
वहीं, प्रदेश भर में अवैध खनन से जुड़े सभी मामलों पर सुनवाई 23 नवंबर को निर्धारित की गई है। हाईकोर्ट के समक्ष प्रदेश भर के 116 मामले अवैध खनन के लंबित हैं। इन मामलों पर सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने विशेष खंडपीठ का गठन किया है। इन मामलों को सुनवाई के लिए मुख्य न्यायाधीश एए सैयद और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया है। बता दें कि वर्ष 2018 में प्रदेश भर में हो रहे अवैध खनन को रोकने के लिए राज्य ने संवेदनशील स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का कार्य शुरू किया था। अवैध खनन से संबंधित एक मामले में राज्य भू वैज्ञानिक ने शपथ पत्र के माध्यम से  प्रदेश हाई कोर्ट को यह जानकारी दी थी। अदालत को बताया गया था कि सिरमौर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने का कार्य पूरा कर लिया गया है। सोलन, ऊना  कांगड़ा (नूरपुर) में कार्य प्रगति पर है। अदालत ने राज्य सरकार को आदेश दिए थे कि  हिमाचल से बाहरी राज्यों के लिए भेजे जा रहे खनिज पदार्थों पर लगाम लगाने के लिए चेक पोस्ट को दुरुस्त करना होगा। हाईकोर्ट की ओर से समय-समय पर पारित आदेशों के बावजूद भी प्रदेश में अवैध खनन नहीं रुक रहा है। अवैध खनन की वजह से पर्यावरण के साथ साथ प्रदेश के राजस्व को भी भारी नुकसान हो रहा है। अवैध खनन माफिया बिना फीस अदा किए कीमती खनिज पदार्थ को बर्बाद कर रहा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed