HRTC के बाद अब एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल पर भी लगी रोक
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हिमाचल हाईकोर्ट ने 108, 102 एंबुलेंस सेवा में तैनात कर्मचारियों को हड़ताल पर नहीं जाने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने जीवीके इमरजेंसी मैनेजमेंट एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किए।
हाईकोर्ट ने संबंधित जिलाधीशों को निर्देश दिए हैं कि वह हड़ताल पर रोक के आदेशों से कर्मचारियों को सूचित करे। मामले पर आगामी सुनवाई चार जुलाई को होगी। हाईकोर्ट पहले ही प्रार्थी कंपनी के पदाधिकारियों को जरूरी सुरक्षा मुहैया करवाने के लिए पुलिस महानिदेशक को आदेश जारी कर चुका है।
याचिका में दिए तथ्यों के अनुसार प्रदेश में 108 और 102 एंबुलेंस सुविधा मुहैया करवाने के लिए राज्य सरकार ने प्रार्थी कंपनी से अनुबंध कर रखा है। प्रदेश की भूगोलिक स्थिति के दृष्टिगत पूरे देश की अपेक्षा सड़क दुर्घटना का आंकड़ा काफी ज्यादा रहता है।
अब उपायुक्तों को ज्ञापन सौंपेंगी यूनियन
इसके अलावा अन्य तरह की स्वास्थ्य से संबंधित विषमताओं के चलते इस सुविधा द्वारा तुरंत रोगियों को अस्पताल पहुंचाने में सहायता मिलती है। गर्भवती महिलाओं, छोटे शिशुओं, आग से झुलसे रोगियों, ह्दयघात के रोगियों, जहर निगलने वाले और सर्प दंश के रोगियों को अगर जल्द अस्पताल न पहुंचाया जाए तो इन रोगियों को अपने जीवन से हाथ धोना पड़ सकता है।
इसके लिए प्रदेश में यह एंबुलेंस सुविधा एक अहम रोल अदा कर रही है। करार के मुताबिक यह सुविधा मुहैया करवाना प्रार्थी कंपनी का कानूनी दायित्व है। प्रार्थी कंपनी ने हाईकोर्ट से गुहार लगाई है कि प्रस्तावित हड़ताल पर रोक लगाई जाए। जो कर्मचारी हड़ताल पर नहीं जाना चाहते हैं, उन्हें जरूरी सुरक्षा मुहैया करवाई जाए।
उपायुक्तों का ज्ञापन सौंपेंगी यूनियन
हिमाचल प्रदेश 108, 102 एंबुलेंस वर्कर यूनियन के चेयरमैन पूर्ण चंद ने बताया है कि शुक्रवार को यूनियन की मांगों को लेकर सभी जिलों में उपायुक्तों को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। निजी कंपनी ने नौकरी से निकाले गए पांच कर्मचारियों को वापस नौकरी पर रखने का आश्वासन दिया है।
शेष कर्मियों को भी नौकरी पर वापस रखने की उपायुक्तों से मांग की है। उन्होंने बताया कि सरकार ने सभी मांगों को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया है।